Lockdown 4.0: अर्जुन बना आरती का ‘सारथी’, कई दिन से भटक रही गर्भवती को पहुंचाया घर
- कई दिन से अपने घर जाने के लिए भटक रही थी गर्भवती महिला
- थिंक एक्ट राइज फाउंडेशन के संस्थापक ने दिया बस का किराया
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हरिद्वार में पिछले कई दिन से अपने घर जाने के लिए भटक रही एक गर्भवती महिला के लिए सामाजिक संगठन ‘थिंक एक्ट राइज फाउंडेशन’ देवदूत साबित हुआ। थिंक एक्ट राइज फाउंडेशन के संस्थापक अर्जुन कसाना ने बस का खर्चा उठाया। इसके बाद प्रशासन से बस की व्यवस्था करके महिला समेत 45 लोगों को लखनऊ रवाना किया।
कानपुर देहात की तहसील अकबरपुर के ग्राम शेरपुर तरोंडा थाना गजनेर के निवासी अजीत कुमार अपनी पत्नी आरती को लेकर हरिद्वार में दिहाड़ी का काम करने आए थे। वे रावली महदूद में किराये के मकान में रहते थे। करीब दो महीने से काम नहीं मिलने के कारण इन लोगों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया।
कमरे का किराया नहीं दे पाए तो मकान मालिक ने निकाल दिया। 19 मई को दोनों पति पत्नी भल्ला स्टेडियम के बाहर आकर डट गए। यहां से इनको घर भेजने की कोई व्यवस्था नहीं थी। दर-दर भटक रही गर्भवती महिला की पीड़ा का मोबाइल वीडियो बनकर समाजसेवी अरुण कश्यप ने कई ग्रुपों में डाला था। अमर उजाला ने भी इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
बताया जाता है कि एक ग्रुप में जुड़े हापुड़ के रहने वाले थिंक एक्ट राइज फाउंडेशन के संस्थापक अर्जुन कसाना ने सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह से महिला के बारे में जानकारी ली। अर्जुन कसाना ने सीओ अभय प्रताप को बताया कि पुलिस यदि बस की व्यवस्था कर दे तो वह किराया दे देंगे। सीओ ने नोडल अधिकारी नरेंद्र यादव और रेड क्रास सोसायटी के सचिव डॉ. नरेश चौधरी से इस मामले में बातचीत की।
नोडल अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि अर्जुन कसाना ने 50 हजार सीधे एजेंसी के खाते में जमा कर दिए थे। दो हजार रुपये रास्ते के खर्चे के लिए भी दिए। उन्होंने बताया कि अजीत उसकी पत्नी आरती के साथ यूपी के 45 लोग भेजे गए। इन लोगों को लखनऊ भेजा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र अर्जुन कसाना ने फोन पर बताया कि लखनऊ पहुंचने के बाद पति पत्नी को कानपुर भिजवाने के लिए टैक्सी की व्यवस्था की जाएगी। सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह ने अर्जुन कसाना की सराहना की है। गर्भवती महिला आरती ने भी उनका आभार जताया।
मुंबई से श्रमिक एक्सप्रेस से आए थे 1607 प्रवासी
मुंबई से श्रमिक एक्सप्रेस से हरिद्वार पहुंचे 1607 प्रवासियों में से गढ़वाल के तीन जिलों के लोगों को पिरान कलियर में संस्थागत क्वारंटीन कर दिया, जबकि बाकी जगह के लोगों को बसों से भेज दिया गया। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दिनभर इसी व्यवस्था में जुटा रहा। मुंबई एक्सप्रेस में उत्तर प्रदेश के 36 प्रवासी लोग भी यहां आ गए थे। फिलहाल इन्हें रिलीफ कैंप में रखा गया है।
मुंबई से श्रमिक एक्सप्रेस बुधवार की रात करीब 10.45 बजे के बजाय 12.55 बजे हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर पहुंची। श्रमिक एक्सप्रेस से बोगीवार यात्रियों को उतारा गया। इसके बाद सैंपलिंग अभियान शुरू किया गया। एडीएम केके मिश्रा ने बताया कि कुल 1607 में से 1571 उत्तराखंड के थे, जबकि 36 उत्तर प्रदेश के। 1571 में से कुमाऊं मंडल के साथ देहरादून और टिहरी गढ़वाल के 1092 को रात को ही बसों से वहां भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि हरिद्वार जनपद में 479 लोगों को रोका गया था इनमें रुद्रप्रयाग के 315, चमोली के 112, उत्तरकाशी के 44, हरिद्वार के 8 लोग शामिल हैं। इन्हें पिरान कलियर में संस्थागत क्वारंटीन कर दिया गया।
पुलिस ने चंडीघाट पर एक शिक्षक को बुरी तरह पीट दिया
वहीं देर रात पुलिस ने चंडीघाट पर एक शिक्षक को बुरी तरह पीट दिया। शिक्षक की ड्यूटी रेलवे स्टेशन हरिद्वार पर प्रवासी यात्रियों की डीटेल लिखने में लगाई गई थी। इस घटना के बाद पीडि़त शिक्षक रेलवे स्टेशन पहुंचा और पूरा मामला बताया।
जिस पर गुस्साए अन्य शिक्षकों ने ड्यूटी करने से इनकार करते हुए हंगामा काटा। बाद में पीडि़त का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया। इस मामले में राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत सौंपी है।
देहरादून नगर निगम ने हाउस टैक्स में छूट की सीमा को बढ़ाया
देहरादून नगर निगम में कार्यकारिणी की बैठक में आज ये तय किया गया कि लॉकडाउन के मद्देनजर हाउस टैक्स में छूट की सीमा को बढ़ाया जाएगा। पिछले 15 मार्च तक 20 प्रतिशत छूट दी गई थी। इसके अलावा आय के स्रोत्र बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान मेयर सुनील उनियाल गामा, नगर आयुक्त और नगर निगम कार्यकारिणी के सदस्य भी मौजूद रहे।