Coronavirus in Uttarakhand: कोरोना संक्रमित सूबेदार के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू, 76 लोगों को किया होम क्वारंटीन
- 15-16 मार्च को सूबेदार के एक दुकान से सामान खरीदने की बात आई सामने
- जानकारी सही पाए जाने पर दुकानदार को परिवार सहित किया जाएगा होम क्वारंटीन
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सेना के सूबेदार के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद तहसील प्रशासन भी हरकत में आ गया है। क्षेत्र में सूबेदार के संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाया जा रहा है। ताकि, उनकी भी स्वास्थ्य जांच कराई जा सके। बीते रविवार को चकराता स्थित सैन्य संस्थान के एक सूबेदार की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छावनी बाजार पहुंचकर सूबेदार के संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी हासिल की। सीएचसी चकराता प्रभारी डॉ. केशर चौहान ने बताया कि बीते 15-16 मार्च को सूबेदार के एक दुकान से सामान खरीदने की बात सामने आई है, जिसकी जांच कराई जा रही है।
यदि रिपोर्ट सही मिलती है तो दुकानदार और उसके परिवार को होम क्वारंटीन किया जाएगा। एसडीएम डॉ. अपूर्वा सिंह ने बताया कि सैन्य संस्थान में सूबेदार के संपर्क में आए 76 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। अन्य लोगों का भी पता लगाया जा रहा है। सैन्य संस्थान में तैनात कर्मियों को बाजार क्षेत्र में आने से मना किया गया है।
हिमाचल प्रदेश और यूपी से लगने वाली सीमाओं पर पैदल आवाजाही भी बंद
शासन के आदेश पर उत्तराखंड की हिमाचल प्रदेश और यूपी से लगने वाली सीमाओं को अब पूरी तरह से सील कर दिया गया है। इसके बाद अब प्रदेश में पैदल लोगों की भी आवाजाही नहीं हो सकेगी। सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन ही आ-जा सकेंगे। इससे पहले प्रदेश की सीमाओं को वाहनों के लिए ही सील किया गया था।
बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों से रोजी-रोटी की तलाश में उत्तराखंड आए और यहां से दूसरे राज्यों में गए लोग पैदल ही इन रास्तों से अपने घरों के लिए आवाजाही कर रहे थे, लेकिन बीते रविवार शाम से शासन के आदेश पर अब सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। सोमवार को प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे लोगों को पुलिस ने वापस लौटा दिया।
सिर्फ पास दिखाने पर ही लोगों की आवाजाही हो पा रही है। दिनभर पुलिस बॉर्डर पर मुस्तैदी के साथ तैनात है। सीओ बीएस धोनी ने बताया कि शासन के आदेश पर सीमाओं पर दूसरे राज्यों से पैदल आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जान हथेली पर रख पार कर रहे नदी
प्रदेश सीमाओं के पूूरी तरह से सील होने से घर पहुंचने की होड़ में मजदूर यमुना नदी को भी पार करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। वह भी ऐसे समय में जब नदी में पानी का लेवल खासा बड़ा हुआ है। रोजाना कई मजदूर जान हथेली पर रखकर नदी को पार कर प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं।