Corona in Uttarakhand: दूसरे दिन भी नौ संक्रमितों की हुई मौत, 473 संक्रमित मिले
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उत्तराखंड में फिर से कोरोना संक्रमितों की मौत के मामले बढ़ रहे हैं। लगातार दूसरे दिन बीते 24 घंटे में नौ मरीजों की मौत हुई और 473 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। वहीं, 404 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। कुल संक्रमितों की संख्या 64538 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को 11147 सैंपलों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। जबकि 473 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं। प्रदेश में कोरोना से होने वाली मौतें और संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। देहरादून जिले में सबसे अधिक 163 कोरोना संक्रमित मिले हैं। ऊधमसिंह नगर में 57, हरिद्वार में 55, चमोली में 48, पौड़ी में 40, नैनीताल में 39, अल्मोड़ा में 17, रुद्रप्रयाग में 16, पिथौरागढ़ में 14, टिहरी में 12, उत्तरकाशी में सात, चंपावत में तीन और बागेश्वर जिले में दो संक्रमित मामले सामने आए हैं।
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आज प्रदेश में नौ मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में दो, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक, सेना अस्पताल पिथौरागढ़ में एक, एचएनबी बेस हॉस्पिटल श्रीनगर में तीन, हिमालयन हॉस्पिटल में एक और सीएमआई हॉस्पिटल में एक मरीज ने इलाज के दमतोड़ा है। अब मरने वालों की संख्या 1056 हो गई है। वहीं, 404 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इन्हें मिला कर 59227 मरीज कोरोना संक्रमण को मात दे चुके हैं।
कोरोना जांच का डर, भागे दीवार फांदकर
रुड़की में लोगों में अब भी कोरोना का डर इस कदर बरकरार है कि वे जांच तक नहीं कराना चाहते। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम सैंपल लेने नवीन सब्जी मंडी पहुंची तो कई लोग दीवार फांदकर भाग निकले। इसके बाद मंडी में सन्नाटा सा पसर गया। ऐसे में टीम को महज कुछ लोगों के सैंपल लेकर ही लौटना पड़ा।
शुक्रवार को सिविल अस्पताल की टीम मंडी में कोरोना जांच करने पहुंची हुई। लोग बाहर न जाने पाएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों की सैंपलिंग हो सके, इसलिए टीम ने मंडी का मुख्य द्वार बंद कर दिया और लोगों के सैंपल लेने लगी।
सैंपल देने के डर से कई लोग मुख्य द्वार बंद होने पर दीवार फांदकर भाग निकले। इस दौरान मंडी समिति के पदाधिकारियों और अधिकारियों ने मुख्य द्वार बंद करने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मंडी समिति का द्वार कभी बंद नहीं हो सकता।
लिहाजा करीब सात मिनट के बाद द्वार खोल दिया गया। इसके बाद मंडी में आढ़तियों और अन्य लोगों की मौजूदगी बेहद कम रही। मंडी समिति के अध्यक्ष योगेंद्र पुंडीर ने बताया कि मुख्य द्वार को तुरंत खुलवाया दिया गया था।