रुड़की: लापरवाही का आलम, शिक्षकों की कोरोना जांच से पहले ही खोल दिए स्कूल
- जिलाधिकारी ने दिए थे शिक्षकों की कोरोना जांच के आदेश
- रुड़की ब्लॉक में नहीं हुई शिक्षकों की कोरोना जांच
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कोरोना जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी रुड़की में लापरवाही का आलम किस कदर हावी है, इसकी बानगी इसी बात से लगाई जा सकती है कि जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी शिक्षकों के बिना कोरोना जांच के ही स्कूलों को खोल दिया गया है। जबकि जिलाधिकारी ने कोरोना को खोलने से पहले शिक्षकों केे कोरोना जांच कराने के आदेश दिए थे। अब यदि कोई शिक्षक कोरोना पॉजिटिव निकलता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।
प्रदेश सरकार कोरोना के बाद स्कूलों में कक्षाओं के संचालन को पटरी पर लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दो नवंबर से कक्षा 10 और 12 की कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके बाद अन्य कक्षाओं के संचालन की तैयारी है।
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स्कूलों को खोलने से पहले जिलाधिकारी सी रविशंकर ने आदेश जारी किए थे कि स्कूल आने वाले शिक्षकों की कोरोना जांच कराई जाए। बताया जा रहा है कि जनपद के अधिकतर ब्लॉक में शिक्षकों की कोरोना जांच कराई जा चुकी है, लेकिन रुड़की ब्लॉक में शिक्षकों की कोरोना जांच नहीं हो पाई है।
दो नवंबर से खुले थे स्कूल
वहीं स्कूलों में कक्षा 10 और 12 का संचालन दो नवंबर को शुरू हो गया था। ऐसे में यदि एक भी शिक्षक कोरोना पॉजिटिव निकलता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। वहीं बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ हो रहा है।
शिक्षकों की कोरोना जांच के लिए न तो कोई आदेश नहीं मिला है और न ही कोई शिक्षक कोरोना जांच करने पहुंचा है। यदि कोई जांच करने आता है तो जांच कराई जाएगी।
-मनोज सैनी, प्रधानाचार्य, केएलडीएवी इंटर कॉलेज
शुक्रवार को ही रुड़की के सीएमएस संजय कंसल से कोरोना जांच को लेकर वार्ता हुई है। संभवत: शुक्रवार को शिक्षकों की कोरोना जांच कराई गई होगी। इस बाबत जानकारी ली जाएगी।
-डॉ आंनद भारद्वाज, मुख्य शिक्षाधिकारी हरिद्वार