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Corona In Uttarakhand: 466 नए संक्रमित मिले, नौ की मौत, मरीजों की संख्या 71 हजार पार

Sun, 22 Nov 2020 10:45 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 22 Nov 2020 10:45 PM IST
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Coronavirus in Uttarakhand latest update today: 466 new infected cases Found, nine deaths, number of patients crossed 71 thousand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में फिर से कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों और मरने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। बीते 24 घंटे में 466 नए संक्रमित मामले मिले हैं। वहीं, नौ मरीजों की उपचार के दौरान मौत हो गई। कुल संक्रमितों का आंकड़ा 71 हजार पार पहुंच गया है। इसमें 65102 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। 

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, रविवार को 8616 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, देहरादून जिले में सबसे अधिक 181 संक्रमित मरीज मिले हैं। पौड़ी में 65, हरिद्वार में 53, नैनीताल में 40, पिथौरागढ़ में 38, ऊधमसिंह नगर में 23, चमोली में 16, उत्तरकाशी में 15, टिहरी में 14, चंपावत में सात, अल्मोड़ा में पांच, बागेश्वर में पांच, रुद्रप्रयाग जिले में चार लोग संक्रमित मिले हैं।
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प्रदेश में नौ मरीजों की मौत हुई है। इसमें सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज में तीन, दून मेडिकल कॉलेज में एक, एम्स ऋषिकेश में एक, हिमालयन हॉस्पिटल में दो, महंत इंदिरेश हॉस्पिटल में एक, एचएनबी बेस हॉस्पिटल श्रीनगर में एक संक्रमित मरीज ने उपचार के लिए दौरान दम तोड़ा है। मरने वाले संक्रमित मरीजों की संख्या 1155 हो गई है। वहीं, 251 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। वर्तमान में 4368 सक्रिय मरीज अस्पतालों और होम आइसोलेशन में उपचार ले रहे हैं। 

दो सौ रुपये के चालान पर भड़की महिला

दिल्ली में बिना मास्क घूमने वालों का दो हजार रुपये का चालान हो रहा है लेकिन नैनीताल में दिल्ली के पर्यटक बिना मास्क घूम रहे हैं। दिल्ली की  एक महिला पर्यटक का पुलिस ने दो सौ रुपये का चालान किया तो वह पुलिस से ही भिड़ गईं। बोली मेरा भाई आईएएस ऑफिसर है हिम्मत है तो चालान काटकर दिखाओ। 

रविवार को तल्लीताल में बिना मास्क सेल्फी ले रहे पर्यटकों को जब पुलिस ने टोका तो दिल्ली के पर्यटक पुलिस से ही उलझ गए। पुलिस ने चालानी कार्रवाई की बात कही तो दिल्ली के उत्तमनगर निवासी महिला पर्यटक कहने लगी कि मेरा भाई आईएएस आफिसर है।

हिम्मत हो तो चालानी कार्रवाई कर लो यह कहते हुए वह आगबबूला हो गई। जब पुलिस ने थाने चलने की बात कही तो महिला के होश ठिकाने आ गए। हालांकि इसके बाद भी महिला बिना मास्क पहने ही पुलिस का वीडियो बनाने लगी।

पुलिस ने महिला का वीडियो बनाया और कहा कि तुमने अब भी मास्क नहीं पहना है। इस पर महिला के पति ने उसे शांत कराया। इस दौरान तल्लीताल सेल्फी प्वाइंट में लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद एसआई हरीश पुरी ने दिल्ली निवासी महिला का महामारी अधिनियम के तहत चालान कर छोड़ दिया।

डॉक्टर न होने से खुद बीमार पड़े चमोली के अस्पताल

चमोली जिले के सरकारी अस्पताल डॉक्टरों के अभाव में खुद बीमार पड़े हैं। अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर तो दूर पैरा मेडिकल स्टाफ की भी कमी बनी है। जिले के विभिन्न अस्पतालों में डॉक्टरों के 157 पद सृजित हैं, जिनमें से मौजूदा समय में 82 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। 25 डॉक्टर कोर्स करने के लिए पिछले छह माह से जिले से बाहर हैं, जबकि 27 अनुपस्थित चल रहे हैं। ऐसे में सरकार के सुलभ और निशुल्क उपचार के दावे खोखले ही साबित हो रहे हैं। 

गोपेश्वर स्थित जिला अस्पताल में सर्जन, ईएनटी, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग व नेत्र रोग विशेषज्ञ नहीं हैं, जबकि उप जिला अस्पताल कर्णप्रयाग में भी फिजिशियन, रोडियोलोजिस्ट, बाल रोग, पैथोलोजिस्ट जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त चल रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पताल भी डॉक्टरविहीन चल रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हापला, स्यूण बैमरु, देवाल, नारायणबगड़, जस्यारा, कांडई, बोरागाड़, कुराड़, रौता, मोख, पांडुकेश्वर, सलूड़-डुंगरा, मेहलचौरी, मालसी के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डॉक्टर नहीं हैं। ऐसे में डॉक्टर के अभाव में मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों को डंडी व कुर्सियों के सहारे ग्रामीण अस्पताल तक लाते हैं, लेकिन उन्हें प्राथमिक उपचार देने के बाद रेफर कर दिया जाता है।

अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी बनी है। कुछ डॉक्टर छह माह से पीजी कोर्स के लिए बाहर गए हैं। इस कार सीमित डॉक्टर से ही कार्य लिया जा रहा है। स्वास्थ्य निदेशालय से भी डॉक्टर की तैनाती के लिए पत्राचार किया गया है।
- डा. जीएस राणा, सीएमओ, चमोली।

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