उत्तराखंड में कोरोना : टीका सुरक्षित, लेकिन आधे घंटे केंद्र पर रहना अनिवार्य, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
आधे घंटे के दौरान पता लग जाता है कि इंसान को टीके से किसी तरह की एलर्जी या रिएक्शन तो नहीं हो रहा है।
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देश में कोरोना के टीके से पहली मौत की घटना के सामने आने के बाद जिले का स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि टीका लगाने के बाद आधे घंटे तक डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में टीकाकरण केंद्र पर ही रहें।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. कुमार जी. कॉल ने बताया कि आधे घंटे के दौरान पता लग जाता है कि इंसान को टीके से किसी तरह की एलर्जी या रिएक्शन तो नहीं हो रहा है। ऐसा करने से समय पर इलाज मिल जाए तो खतरे को टाला जा सकता है।
एमकेपी रोड स्थित आरोग्यधाम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड हेल्थ सिटी के निदेशक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. विपुल कंडवाल ने बताया कि टीका लगाने के बाद हर व्यक्ति को टीकाकरण केंद्र पर कम से कम आधे घंटे अनिवार्य तौर पर आराम करना चाहिए। ताकि अगर उन्हें टीका लेने के बाद कोई परेशानी महसूस होती है तो समय रहते उनका उपचार किया जा सके। अगर कोरोना का टीका लगाने के बाद व्यक्ति को किसी भी प्रकार की परेशानी महसूस होती है तो वह नजदीकी स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम या आशा कार्यकर्ता को इसकी जानकारी दें।
टीकाकरण के बाद आ सकता है हल्का बुखार
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एवं वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत ने बताया कि टीका लगाए जाने के बाद हल्का बुखार आना और जहां टीका लगा है हल्का दर्द सामान्य है। फिर भी व्यक्ति को टीका लगाने के आधे घंटे बाद तक निगरानी कक्ष में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में विश्राम करना चाहिए। आधे घंटे के भीतर पता लग जाता है कि किसी व्यक्ति में टीके से कोई रिएक्शन या अन्य कोई दिक्कत तो नहीं हो रही है। डॉ. पंत ने दून मेडिकल अस्पताल में टीकाकरण ड्यूटी में तैनात सभी कर्मियों को इस बारे में सख्त निर्देश दिए हैं।
टीका लगाने के बाद भी करें गाइडलाइन का पालन
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके पांडे ने बताया कि कोरोना का टीका लगाने के बाद भी सभी को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना चाहिए। मुंह पर मास्क लगाने, सामाजिक दूरी का पालन और हाथों को सैनिटाइज करने जैसे नियम मानने चाहिए। साथ ही टीका लगाने के आधे घंटे तक केंद्र में आराम करें। डॉ. पांडे ने बताया कि इस संबंध में जिले के सभी टीकाकरण केंद्रों और इससे जुड़े स्वास्थ्यकर्मियों को फिर से सतर्क किया जा रहा है।
टीकाकरण बढ़ाने के लिए खोले जाएंगे नए केंद्र
कोरोना संक्रमण से निपटने को लेकर राजधानी दून समेत पूरे जिले में तेजी से टीकाकरण किया जा सके, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरे जिले में नए वैक्सीनेशन सेंटर खोलने की तैयारी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि जल्द ही नए वैक्सीनेशन सेंटर का मसौदा तैयार कर वैक्सीन की उपलब्धता होने के साथ ही टीकाकरण में तेजी लाई जाएगी।
डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि बुधवार को देहरादून जिले में कुल 3984 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। जिले में अब तक 45 साल से अधिक उम्र के 378486 लोगों को टीके की पहली डोज और 117196 लोगों को दोनों डोज लगाई जा चुकी है।
18 से लेकर 45 साल की उम्र के 113871 लोगों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है। पूरे जिले में 3533 ऐसे लोग हैं जिन्हें टीके की दोनों डोज दी जा चुकी हैं। जिले में 36376 हेल्थ वर्कर्स को टीके की पहली डोज और 26746 हेल्थ वर्कर्स को दोनों डोज दी जा चुकी हैं। वहीं अब तक 28642 फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके की पहली डोज और 16455 फ्रंटलाइन वर्कर को दोनों डोज दी जा चुकी हैं।
मुहैया कराई गईं टीके की 5000 डोज
टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर पांडे ने बताया कि बुधवार को 5000 टीके की डोज मुहैया कराई गई हैं। टीके की डोज मिलने के साथ ही वैक्सीनेशन में तेजी आएगी। नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर पांडे ने बताया कि जल्द ही और अधिक टीके की आपूर्ति का आश्वासन आला अधिकारियों की ओर से दिया गया है। जैसे-जैसे टीके की डोज मिलेगी उसी अनुसार टीकाकरण अभियान में तेजी लाएगी।
जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में पहले लगाया जाएगा टीका
देहरादून जिले के पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को अब प्राथमिकता के आधार पर टीका लगाया जाएगा। मानसून में सड़कें बंद होने की संभावना को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाद में टीका लगाने में दिक्कत हो सकती है।
विदेश जाने वालों को 28 दिन में लगेगी वैक्सीन की दूसरी डोज
नौकरी, कारोबार या पढ़ाई के लिए विदेश जाने वालों को सरकार ने कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज लगाने की समय अवधि में छूट दी है। अब विदेश जाने वाले लोग 28 दिन बाद वैक्सीन की दूसरी डोज लगा सकेंगे। इसके लिए उन्हें विदेश जाने का प्रमाण देना होगा। बाकी लोगों के लिए वैक्सीन लगवाने की गाइडलाइन पूर्व की भांति रहेगी।