उत्तराखंड: अब गर्भवती महिला कर्मचारियों को भी आना होगा दफ्तर, कोरोना काल में दी गई छूट समाप्त
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उत्तराखंड सरकार में सचिवालय से लेकर सभी विभागों व कार्यालयों में कार्यरत उन महिला कर्मचारियों को अब कार्यालय आना होगा, जो गर्भावस्था में हैं या जिनकी संतान 10 वर्ष से कम उम्र की है। कोविड-19 महामारी के समय शासन ऐसी महिला कर्मचारियों को घर से ही कार्य करने की सुविधा प्रदान की थी। केवल अपरिहार्य स्थितियों में उन्हें कार्यालय में बुलाया जा सकता था।
सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। प्रभारी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने आदेश जारी कर इसकी सूचना सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, सचिवों, प्रभारी सचिवों, मंडलायुक्तों, पुलिस महानिदेशक, सभी जिलाधिकारियों, विभागाध्यक्षों, कार्यालयाध्यक्षों को भेज दी गई है।
शासन ने यह निर्णय कोविड-19 महामारी के कम होते प्रभाव को देखते हुए उठाया है। इसे तत्काल प्रभाव से लागू माना गया है। इससे पूर्व शासन ने सचिवालय को भी आगंतुकों को खोलने का निर्णय लिया था।
वैक्सीन लगवाने से छूटे स्वास्थ्य कर्मियों को दो दिन और मिलेगा मौका
पहले चरण में कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने से छूट गए स्वास्थ्य कर्मियों को दो दिन का मौका मिलेगा। केंद्र सरकार ने छूटे हुए हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाने के लिए दो दिन और तय करने को कहा है। प्रदेश में अब तक 73562 स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। आठ फरवरी से फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 67 हजार से अधिक फ्रंट लाइन वर्करों का डाटा तैयार कर लिया गया है।
शनिवार को प्रदेश भर में 107 बूथों पर 3470 हेल्थ वर्करों ने कोविड वैक्सीन लगवाई है। 16 जनवरी से शुरू हुए अभियान में अब तक 73562 हेल्थ वर्करों को वैक्सीन की पहली खुराक दी गई है। जो स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन लगवाने से छूट गए हैं। उन्हें 20 या 25 फरवरी को एक और मौका दिया जाएगा।
इसके बाद हेल्थ वर्करों को वैक्सीन लगाने का अवसर नहीं मिलेगा। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार से फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाने की तैयारी पूरी कर ली है। पैरामिलिट्री फोर्स के साथ ही राजस्व, पुलिस, स्थायी निकाय, पंचायतीराज विभाग के फ्रंट लाइन वर्करों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसके लिए 67 हजार से अधिक वर्करों को डाटा कोविन पोर्टल पर अपलोड कर लिया गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तराखंड की निदेशक डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि छूटे हुए स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने के लिए दो दिन का मौका मिलेगा। इसके लिए 20 व 25 फरवरी की तारीख तय की जा रही है। इसके बाद उन्हें वैक्सीन लगाने का अवसर नहीं मिलेगा। फ्रंट लाइन वर्करों को उनके विभागों के कार्यालय या परिसर में बूथ बना कर वैक्सीन लगाई जाएगी।