Coronavirus in Uttarakhand: मैदानी जिलों में 91 प्रतिशत पहुंची कोरोना मरीजों की मृत्यु दर
- नौ पर्वतीय जिलों में मृत्यु दर नौ प्रतिशत, चमोली जिले में एक भी मौत नहीं
- देहरादून जिले में सबसे अधिक 91 कोरोना मरीजों की मौत
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उत्तराखंड में संक्रमित मरीज बढ़ने के साथ कोरोना मरीजों के मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। प्रदेश में कुल संक्रमितों की मौत में 91 प्रतिशत मौतें चार मैदानी जिलों में हुई हैं। वहीं, नौ पर्वतीय जिलों में मृत्यु दर नौ प्रतिशत है। चमोली जिले में एक भी मौत नहीं हुई है। देहरादून जिले में सबसे अधिक 91 कोरोना मरीजों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 18 अगस्त तक प्रदेश में संक्रमितों की संख्या कुल 12961 हो चुकी है। इसमें 8724 मरीज ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में नए कोरोना मरीजों के साथ ही मृत्यु दर भी तेजी से बढ़ रही है।
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प्रदेश में अब तक 164 संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। बीत दो सप्ताह में मृत्यु दर 1.18 प्रतिशत से बढ़ कर 1.27 प्रतिशत हो गई है। जो राष्ट्रीय मृत्यु दर 1.91 प्रतिशत की तुलना में 0.64 प्रतिशत से कम है।
प्रदेश के देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले में 149 मरीजों (91 प्रतिशत) की मौत हुई है। जिसमें देहरादून में 91, नैनीताल में 31, हरिद्वार में 16, ऊधमसिंह नगर में 11 संक्रमित शामिल थे।
मृत्यु दर बढ़ाना गंभीर चुनौती
वहीं, पौड़ी में चार, पिथौरागढ़, चंपावत, अल्मोड़ा, टिहरी जिले में दो-दो, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, उत्तरकाशी में एक-एक संक्रमित की मौत हुई है। चमोली जिले में अभी तक एक भी संक्रमित मरीज की मौत नहीं हुई।
कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि चार जिलों में कोरोना मरीज बढ़ने के साथ ही मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है। मृत्यु दर बढ़ाना गंभीर चुनौती है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर बढ़ने से रोकने पर विशेष फोकस है। सभी जिलों को निर्देश दिए कि गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों की वरिष्ठ डॉक्टर निगरानी रखें। यह प्रयास किया जा रहा है कि संक्रमित मरीज की मौत न हो।
- अमित सिंह नेगी, सचिव, स्वास्थ्य