कोरोना टीकाकरण : देहरादून में कोविशील्ड के टीके खत्म, टीकाकरण केंद्रों से बैरंग लौटे लोग
अधिकारियों के मुताबिक कोविशील्ड टीके की कुछ डोज बची हैं जो एनआरआई और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं (धात्री) के लिए सुरक्षित ररखी गई हैं।
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एक तरफ केंद्र सरकार राज्यों के जरिए कोरोना टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के लिए तमाम कदम उठा रही है। वही जिले में टीके का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार जिले में बुधवार को ही कोविशील्ड के टीके खत्म हो गए। ऐसे में कई केंद्रों से लोगों को बैरंग लौटना पड़ा।
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अधिकारियों के मुताबिक कोविशील्ड टीके की कुछ डोज बची हैं जो एनआरआई और बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाओं (धात्री) के लिए सुरक्षित ररखी गई हैं।
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कोरोना टीकाकरण अभियान के नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर पांडे ने बताया कि गुरुवार को सिर्फ हरिद्वार रोड स्थित राधास्वामी सत्संग भवन में स्थापित जंबो टीकाकरण केंद्र में ही एनआरआई और धात्री महिलाओं को टीका लगाया जाएगा। इस दौरान जिले के तमाम टीकाकरण केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हो पाएगा। डॉ. पांडे के मुताबिक स्वास्थ्य निदेशालय स्तर से कोविशील्ड टीके की अतिरिक्त डोज मंगाई गई हैं। कोविशील्ड टीका मुहैया होते ही लोगों को टीके की डोज लगानी शुरू कर दी जाएगी।
जिले में 10500 लोगों का टीकाकरण
डॉ. सुधीर पांडे ने बताया कि बुधवार को पूरे जिले में 10500 लोगों का टीकाकरण किया गया। फिलहाल जिले में सिर्फ एक दिन के टीकाकरण के लिए ही कोवैक्सीन की डोज बची है। उम्मीद है कि केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही कोविशील्ड और कोवैक्सीन के टीके की डोज मुहैया कराई जाएगी।
टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जा सके इसके लिए पूरे जिले में 107 केंद्रों पर टीकाकरण हो रहा है। इनमें 21 केंद्र निजी अस्पतालों में हैं, जबकि 86 टीकाकरण केंद्र सरकारी अस्पतालों में संचालित किए जा रहे हैं।
पहले नौ आदमी लाओ, तब लगेगा टीका
बंजारावाला निवासी पदमेंद्र रावत स्लॉट मिलने के बाद टीका लगवाने पहुंचे। करीब दो बजे टीकाकरण केंद्र पर पहुंचे तो मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि 10 लोग एकत्र होने तक इंतजार करना पड़ेगा। उस समय केंद्र पर कोई अन्य मौजूद नहीं था। करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद 10 लोग जुटे, तब टीकाकरण शुरू हुआ।
नेहरू कॉलोनी निवासी आशीष प्रसून टीकाकरण केंद्र पहुंचे तो वहां अन्य कोई मौजूद नहीं था। कर्मचारियों ने उनसे कहा कि आप नौ लोग और ले आओ तो आपको तुरंत टीका लग जाएगा। नहीं तो 10 लोग इकट्ठा होने के बाद टीकाकरण शुरू होगा। हैरान आशीष काफी देर तक इंतजार करते रहे, जिसके बाद उन्हें टीका लगा।
टीका लगाने के लिए पहुंच रहे लोगों को ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों से इस तरह की बातें सुननी पड़ रही हैं। कर्मचारी वैक्सीन की वायल तभी खोल रहे हैं, जब 10 लोग एकत्र हो रहे हैं। टीके की बर्बादी रोकने के लिए केंद्रों पर यह व्यवस्था बनाई गई है।
टीके की एक वायल में 10 डोज होती हैं। वायल खुलने के बाद जितनी डोज बचती है, वो आमतौर पर खराब हो जाती है। इसके कारण टीके की काफी बर्बादी हो रही थी। बाद में जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने 10 लोगों के एकत्र होने के बाद ही वायल खोलने के निर्देश दिए थे।
इसके कारण टीका लगाने पहुंच रहे कई लोगों को परेशान भी होना पड़ रहा है। विशेषकर उन लोगों को ज्यादा दिक्कत हो रही है, जो दोपहर बाद टीका लगवाने पहुंच रहे हैं। उस समय तक ज्यादातर केंद्रों में भीड़ छंट जाती है। ऐसे में जो लोग टीका लगवाने पहुंच रहे हैं, उन्हें इंतजार करना पड़ता है।