Coronavirus in Uttarakhand: 658 नए संक्रमित मिले, 12 की मौत, मरीजों की संख्या 26 हजार पार
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का कहर बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश में 24 घंटे के अंदर 658 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके साथ ही अब मरीजों की संख्या 26 हजार पार पहुंच गई है। वहीं, प्रदेश में अभी भी 8184 एक्टिव केस हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, 24 घंटे में 8283 सैंपलों की जांच की गई। इसमें 7625 सैंपल निगेटिव और 658 सैंपलों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। देहरादून में सबसे अधिक 248 कोरोना मरीज मिले हैं। नैनीताल में 112, हरिद्वार में 82, ऊधमसिंह नगर में 56, टिहरी में 33, उत्तरकाशी में 24, अल्मोड़ा में 24, चंपावत में 23, पिथौरागढ़ में 16, बागेश्वर में 14, रुद्रप्रयाग में 11, पौड़ी में नौ और चमोली जिले में छह कोरोना संक्रमित मिले हैं।
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प्रदेश में 12 कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में दो, दून मेडिकल कॉलेज में चार, महंत इंद्रेश हास्पिटल में एक, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में दो, बेस हॉस्पिटल श्रीनगर में तीन कोरोना मरीजों ने दमतोड़ा है। अब तक मरने वालों की संख्या 360 हो चुकी है। वहीं, 427 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिला कर 17473 मरीज ठीक हो चुके हैं।
संक्रमण दर बढ़ कर 5.82 प्रतिशत हुई
सैंपल जांच के साथ प्रदेश में संक्रमण दर लगातार बढ़ रही है। कोरोना काल में प्रदेश में अब तक संक्रमण दर सर्वाधिक 5.83 प्रतिशत हो गई है। नए संक्रमितों मरीजों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या कम होने से रिकवरी दर में गिरावट आई है। वर्तमान में रिकवरी दर 66.59 प्रतिशत है।
10 दिन उपचार के बाद बंशीधर भगत डिस्चार्ज
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत 10 दिन उपचार के बाद स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो गए। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के चलते उन्हें कोविड-19 दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और पूरे स्टाफ की सेवाओं की सराहना की।
मंगलवार को कोविड-19 दून अस्पताल से बंशीधर भगत को डिस्चार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि अस्पताल स्टाफ मेडिकल उपचार के साथ ही मानसिक रूप से भी रोगियों को मजबूत कर रहा है, जिससे वह आसानी से बीमारी को हरा सकें। पूरा स्टाफ जज्बे के साथ दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटा है। यही कारण है कि ज्यादातर मरीज स्वस्थ होकर अपने घरों के लिए लौट रहे हैं।
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि कोरोना से लड़ने के लिए मानसिक मजबूती भी बेहद जरूरी है। मरीजों को अनावश्यक घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बजाय वह अपने उपचार और स्वस्थ होने पर ध्यान लगाएं तो उन्हें फायदा मिलेगा।
होम आइसोलेशन में हो रही मरीजों की निगरानी
बिना लक्षण वाले पॉजिटिव मरीजों को होम आइसोलेशन की सुविधा दी जा रही है। इसके तहत उन्हें घर पर ही उपचार मुहैया कराया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय की अलग-अलग टीमें इन मरीजों की निगरानी भी कर रही हैं। साथ ही रोजाना दो बार उनसे फोन पर संपर्क कर स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी भी ली जा रही है।
धर्मपुर निवासी एक मरीज भी चार दिन से होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन में भेजते वक्त स्वास्थ्य विभाग की टीम आवश्यक जानकारी देती है। आयुष मंत्रालय की आयुष किट और स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल किट भी दी जाती है।
इस मेडिकल फिट में थर्मल स्कैनर और आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। वहीं, आयुष मंत्रालय की किट में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए काढ़ा और गिलोय की गोलियां जैसी कुछ चीजें शामिल हैं। मरीजों को घर पर ही रहने और किसी से ना मिलने की सलाह दी जाती है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी नियमित फोन कर उनसे स्वास्थ्य का हाल चाल भी पूछते रहते हैं। इस दौरान मरीज किसी भी तरह की दिक्कत होने पर उन्हें जानकारी दे सकते हैं ताकि आगे का इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
दून में बढ़ेंगे आईसीयू बेड
वहीं, देहरादून जिले में तेजी से कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए प्रशासन आईसीयू बेड बढ़ाएगा। इसके लिए निजी अस्पतालों से बातचीत की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक इस सप्ताह आईसीयू बेड की संख्या बढ़ जाएगी।
डीएम डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में कोविड-19 को लेकर टेस्टिंग बढ़ा दी गई है। इसके चलते काफी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए दून मेडिकल कॉलेज में 50 आईसीयू बेड इसी सप्ताह तैयार करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।
मौजूदा समय में यहां 35 तथा एम्स ऋषिकेश में 100 आईसीयू बेड हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी कोरोना के इलाज की अनुमति मिलने के बाद 42 आईसीयू बेड और बढ़ गए हैं। महंत इंदिरेश में 20, हिमालयन व मैक्स अस्पताल में 10-10 तथा सीएमआई में दो आईसीयू बेड हैं। मौजूदा हालात को देखते हुए निजी अस्पतालों को और अधिक आईसीयू बेड तैयार करने को कहा गया है।