Corona in Uttarakhand: 447 नए मरीज मिले, पांच की मौत, संक्रमितों का आंकड़ा 14 हजार पार
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को 447 नए संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके बाद अब संक्रमितों का आंकड़ा 14 हजार के पार हो गया है। वहीं, 9676 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, आज आई जांच रिपोर्ट में 8471 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में सबसे ज्यादा 106 कोरोना मरीज मिले हैं। हरिद्वार में 101, देहरादून में 95, नैनीताल में 50, उत्तरकाशी में 41, अल्मोड़ा जिले में 14, पौड़ी में 11 लोग कोरोना संक्रमित मिले। चंपावत में नौ, टिहरी और पिथौरागढ़ में छह-छह, चमोली में पांच, बागेश्वर में दो और रुद्रप्रयाग जिले में एक मरीज मिला है। मरीजों की संख्या 14083 हो गई है।
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शुक्रवार को प्रदेश में पांच कोरोना मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश में तीन और दून मेडिकल कॉलेज में दो संक्रमित मरीजों ने दमतोड़ा है। मृतकों में चार मरीज पुरुष हैं। प्रदेश में मृतकों की संख्या 192 हो गई है। वहीं, आज 243 कोरोना मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया है।
प्रदेश में संक्रमित मरीजों की रिकवरी दर 68.71 प्रतिशत और डबलिंग रेट 25.86 दिन पर आ गई है। सैंपल जांच के आधार पर पॉजिटिव दर अब तक की सबसे अधिक 5.16 प्रतिशत हो गई है।
कर्मचारियों का कोरोना टेस्ट कराने से खड़े किए हाथ
कोरोना की रोकथाम के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने औद्योगिक इकाईयों को दस प्रतिशत कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से कोविड टेस्ट कराने के आदेश जारी किया है। साथ ही औद्योगिक इकाईयों को प्रतिदिन कोरोना की अपडेट रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस पर औद्योगिक संगठन ने आदेश का विरोध किया है। लघु उद्योग भारती संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि इससे कर्मचारियों में भय का माहौल है। जिससे फिर से मजदूरों के पलायन होने की आशंका है। कहा कि औद्योगिक इकाईयां अपने खर्चे पर दस प्रतिशत कर्मचारियों का कोविड टेस्ट कराने में असमर्थ हैं। इसके लिए सरकार ईएसआई को निर्देश दे।
संगठन के प्रदेश महामंत्री विजय सिंह तोमर ने पत्र के माध्यम से कहा कि लॉकडाउन की मार से उद्योग धीरे-धीरे पटरी पर आ रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से जारी रोज नए-नए आदेशों से औद्योगिक क्षेत्रों में भय का माहौल बन रहा है। अब प्रशासन ने सभी औद्योगिक इकाईयों को अपने दस प्रतिशत कर्मचारियों का कोविड टेस्ट कराने का आदेश दिया है। बिना किसी कारण से टेस्ट कराने पर कर्मचारियों में भय का माहौल बन रहा है और इससे उनके पलायन की आशंका है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी इकाई में कोरोना मरीज मिलता है तो उस इकाई के कर्मचारियों की जांच होनी चाहिए, यह संगठन भी मानता है, लेकिन दस प्रतिशत कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से कोराना टेस्ट संभव नहीं है। अधिकतर इकाईयां अभी तक भी कोरोना के मार से नहीं उभर पाई हैं। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि प्रभावित इकाईयों में कोरोना जांच के लिए ईएसआई को निर्देशित किया जाए। ईएसआई कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए अंशदान इकाईयों से लेता है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि इस प्रकार के आदेशों पर तत्काल रोक लगाई जाए। जिससे कि भयमुक्त होकर औद्योगिक इकाईयां काम कर सकें।