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Coronavirus in Uttarakhand : क्वारंटीन सेंटर में बेटे ने की थी आत्महत्या, पिता ने उठाए संगीन सवाल

Sat, 20 Jun 2020 11:51 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 20 Jun 2020 11:51 AM IST
सार

  • 12 जून को जबलपुर निवासी युवक ने रायपुर स्थित क्वारंटीन सेंटर में लगाई थी फांसी
  • बोले पिता, सेंटर में कहां से आई रस्सी, कौन ले गया बेटे का मोबाइल, रेलवे की आईडी? 
  • प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के बाद शुक्रवार को रायपुर पहुंचे युवक के पिता 

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coronavirus in uttarakhand latest news : son commit suicide in quarantine center, father raised questions
फांसी (सांकेतिक) - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

12 जून को रायपुर के एक क्वारंटीन सेंटर में जबलपुर (मध्यप्रदेश) निवासी युवक संकेत मेहरा ने आत्महत्या कर ली थी। शुक्रवार को पिता अश्वनी मेहरा दून पहुंचे और बेटे की मौत के लिए सरकारी व्यवस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया।

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सवाल किया कि बेटे का मोबाइल और उसकी रेलवे आईडी कहां गई? इसके अलावा क्वारंटीन सेंटर में रस्सी कैसे पहुंची? लेकिन उनके इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं है। पिता अपने बेटे की अस्थियों को विसर्जन से पहले अपने गांव लेकर जाएंगे। 
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दिल्ली से दून पहुंचने पर रायपुर के क्वारंटीन सेंटर में रखे गए रेलवे कर्मचारी संकेत मेहरा का शव 12 जून को फांसी पर लटका मिला था। हालांकि मौत के बाद उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। लॉकडाउन के चलते रेलवे में टिकट न मिलने के कारण परिजन नहीं आ पा रहे थे। पुलिस और प्रशासन ने संकेत के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार कर दिया था।

सरकारी अव्यवस्थाओं से गई बेटे की जान

संकेत के पिता अश्वनी मेहरा ने देहरादून पहुंचकर बेटे की अस्थियां प्राप्त की। शुक्रवार को अश्वनी ने अमर उजाला ऑफिस पहुंचकर अपना दर्द साझा किया। उन्होंने बताया संकेत दो बेटों में सबसे छोटा था। इसी साल जनवरी में संकेत की रेलवे में नौकरी लगी थी।

लॉकडाउन में वह बड़ोदरा में फंस गया था। श्रमिक ट्रेन चली तो संकेत दिल्ली आ गया था। दिल्ली से वह देहरादून क्यों आया इसका उन्हें भी पता नहीं? संकेत ने बड़े भाई को फोन पर यह जानकारी दी थी कि वो क्वारंटीन सेंटर में हैं। लेकिन, लोकेशन नहीं बता पाया था।

12 जून को रायपुर से उन्हें फोन आया तो घटना का पता चला। पिता मेहरा का आरोप है कि बेटे की जान सरकारी अव्यवस्थाओं से गई है। सात जून से 11 जून तक कोई कर्मचारी उसे देखने तक नहीं गया। संकेत बेहद खुशमिजाज और घूमने का शौकीन था।  सवाल किया कि क्वारंटीन सेंटर में उसके हाथ रस्सी कैसे आई? दूसरा संकेत का मोबाइल और आईडी कार्ड कहां गया? पुलिस भी दोनों चीजें न मिलने की बात कह रहे हैं। अब वह बेटे के लिए इंसाफ चाहते हैं।

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