{"_id":"608a651d9cb9fd2e5e1271bf","slug":"coronavirus-in-uttarakhand-latest-news-purnagiri-mela-closing-on-friday-due-to-corona","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड : शुक्रवार को होगा पूर्णागिरि मेले का समापन, इस बार भी कोरोना ने बिगाड़ी मेले की रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड : शुक्रवार को होगा पूर्णागिरि मेले का समापन, इस बार भी कोरोना ने बिगाड़ी मेले की रौनक
Thu, 29 Apr 2021 01:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, टनकपुर (चंपावत)
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 29 Apr 2021 01:22 PM IST
सार
मेले की व्यवस्थाएं समेटने का काम शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच तीस दिन तक चले मेले में करीब तीन लाख श्रद्धालु ही मां पूर्णागिरि के दर्शनों को पहुंच सके।
विज्ञापन
पूर्णागिरि मंदिर
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला शुक्रवार को अधिकारिक तौर पर खत्म हो जाएगा। मेले की व्यवस्थाएं समेटने का काम शुरू हो गया है। कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच तीस दिन तक चले मेले में करीब तीन लाख श्रद्धालु ही मां पूर्णागिरि के दर्शनों को पहुंच सके।
विज्ञापन
30 मार्च से शुरू हुए मेले में कोरोना को लेकर बंदिशों के बीच प्रथम नवरात्र तक ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कोरोना महामारी के मद्देनजर इस बार प्रशासन ने पहले ही मेले की अवधि तीस दिन तय की थी, लेकिन संक्रमण की रफ्तार बढ़ने से मेला तीस दिन भी नहीं चल पाया।
विज्ञापन
प्रथम नवरात्र के बाद श्रद्धालुओं की आवक कम होने से मेला क्षेत्र में सुनसानी छाने लगी थी। सुरक्षा में तैनात पुलिस फोर्स एक सप्ताह पहले ही वापस लौटा दिया गया था और अब मेले की अन्य व्यवस्थाएं समेटना शुरू हो गया है।
विज्ञापन
ठेकेदार ने पथ प्रकाश व्यवस्था हटानी शुरू कर दी है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के मुताबिक करीब तीन लाख की संख्या में श्रद्धालु देवी मां के दर्शन को पहुंचे।
कोरोना ने तोड़ा पुजारी और कोरोबारियों का सपना
पूर्णागिरि मेला चलने की उम्मीद में उत्साहित धाम के पुजारी और कारोबारियों के सपनों पर पानी फेरा है। गत वर्ष की भांति इस बार भी जहां पुजारियों की आमदनी प्रभावित रही, वहीं कारोबारियों को भी लाखों का नुकसान झेलना पड़ा है।
अकेले धाम क्षेत्र की करीब दो सौ दुकानों पर निर्भर लोगों ने दुकानों में सामान भरने और व्यवस्थाएं बनाने में अच्छा खासा बजट खर्च कर मेले की तैयारी की थी, लेकिन कोरोना के कारण उनकी उम्मीदें धरी रह गई। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय के मुताबिक मेला नहीं चलने से धाम क्षेत्र के हर दुकान स्वामी को करीब तीन से चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है।