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Coronavirus in Uttarakhand : प्रदेश में 800 मरीजों ने जीती कोरोना से जंग, सैंपल जांच के लिए बनाई नई रणनीति

Thu, 11 Jun 2020 11:51 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 11 Jun 2020 11:51 AM IST
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coronavirus in uttarakhand latest news : number of patients recovering along with corona infected cases increased
Corona - फोटो : Twitter

उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मामलों के साथ ही ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में तेजी आई है। बीते दस दिनों में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या सक्रिय मामलों से अधिक हो गई है। प्रदेश की रिकवरी दर 51.79 प्रतिशत हो गई है।    

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स्वास्थ्य विभाग की बुधवार 2 बजे की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 808 संक्रमित मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि 730 मामले सक्रिय हैं। 31 मई को प्रदेश में 102 मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा गया था और एक्टिव केस की संख्या 692 थी। वहीं, अब रिकवरी दर में सुधार होने से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या एक्टिव केस से अधिक है। कोरोना से जंग में स्वास्थ्य विभाग के लिए यह नतीजे थोड़ी राहत देने वाले हैं। 
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अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि केंद्र की ओर से कोरोना संक्रमित मरीजों को डिस्चॉर्ज करने के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें संक्रमित मरीज को 10 दिन निगरानी में रखा जाएगा। सात दिन के बाद यदि मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो उसे अस्पताल से घर भेजा जाएगा। प्रदेश में रिकवरी दर 51 प्रतिशत पहुंच गई है।

सैंपलों की जांच में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति बनाई

प्रदेश में कोविड सैंपलों की जांच में तेजी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई रणनीति बनाई है। प्रदेश की सरकारी लैब में जांच का दबाव कम करने के लिए बाहरी जिलों में सैंपल जांच की व्यवस्था की गई है।


अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले के सभी सैंपल जांच के लिए एनसीडीसी दिल्ली भेजे जाएंगे। देहरादून जिले से प्रतिदिन 150 सैंपल पीजीआई और 100 सैंपल सीएसआईआर इम्टेक चंडीगढ़ भेजे जाएंगे। शेष सैंपलों की जांच दून मेडिकल कालेज की लैब में किए जाएंगे।


टिहरी जिले के 50 सैंपल आईआईपी देहरादून और बाकी सैंपल एनसीडीसी दिल्ली भेजे जाएंगे। पौड़ी जिले से 100 सैंपल एनसीडीसी और बाकी बचे सैंपल श्रीनगर मेडिकल कालेज में जांच की जाएगी। चमोली और रुद्रप्रयाग जिले के  सभी सैंपल श्रीनगर मेडिकल कालेज में होंगे। उत्तरकाशी के सभी सैंपलों की जांच दून मेडिकल कालेज में होगी। नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ जिले के सभी सैंपलों की जांच हल्द्वानी मेडिकल कालेज में की जाएगी।

प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 261 मामलों में ट्रेवल हिस्ट्री नहीं

प्रदेश में लॉकडाउन 4.0 के बाद कोरोना संक्रमित मामलों में तेजी आई है। संक्रमित मरीजों की संख्या 1560 पहुंच गई है। इसमें 261 संक्रमित ऐसे हैं, जिनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। यानी कांटेक्ट में आने से वे कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं। 21 मई से 10 जून तक कुल संक्रमित मामलों में 16 प्रतिशत से अधिक लोगों में संक्रमित के संपर्क में आने से संक्रमण फैला है। 

राज्य के 11 जिलों में 21 मई के बाद 261 संक्रमित मरीजों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। इसके बावजूद भी वे कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसमें सबसे अधिक देहरादून जनपद में है। बिना ट्रेवल हिस्ट्री वाले संक्रमित मामलों में स्वास्थ्य व पुलिस कर्मी के साथ ही कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आए परिवार के सदस्य व अन्य करीबी हैं।

प्रदेश में अब तक कुल संक्रमित मामलों में 16 प्रतिशत मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं। वहीं, चमोली और रुद्रप्रयाग जिले में अभी तक संक्रमित मरीजों में संपर्क में आने का कोई मामला नहीं मिला है। दोनों जिलों में संक्रमित मरीज दूसरे राज्यों से आए हैं। 

कोरोना आंकड़ों का अध्ययन कर रहे सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने बताया कि 20 दिनों के भीतर 16 प्रतिशत संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री न होने और संपर्क आने से संक्रमण होना चिंता का विषय है। इस मामले में सरकार को लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। 

देहरादून : होम क्वारंटीन आढ़ती बेच रहे फल-सब्जियां

होम क्वारंटीन किए गए निरंजनपुर मंडी के कई आढ़ती चोरी-छिपे फल-सब्जियां बेच रहे हैं। आढ़तियों ने फल सब्जियां लोड-अनलोड करने के लिए अलग-अलग जगह चुनी है। वहीं, कई आढ़ती ऐसे हैं जो खुद तो होम क्वारंटीन हैं लेकिन उन्होंने अपने स्टाफ को कारोबार पर लगा रखा है। 

पिछले हफ्ते कोरोना पॉजिटिव मामले बढ़ने के बाद प्रशासन ने निरंजनपुर मंडी को बंद कर दिया था। तब सभी आढ़तियों को कहा गया कि वो खुद को होम क्वारंटीन करें। इसके अलावा उनके स्टाफ और मजदूरों को भी क्वारंटीन किया गया। लेकिन कई आढ़ती होम क्वारंटीन रहने के बजाय चोरी-छिपे फल सब्जियां बेच रहे हैं।

ये आढ़ती लगातार फल सब्जियां मंगा रहे हैं और रिटेल कारोबारियों को बेच रहे हैं। इसके लिए किसी ने सड़क के किनारे चौड़ी जगह चुनी है तो कुछ खाली प्लॉट में काम कर रहे हैं। क्वारंटीन होने के बावजूद उनके फल सब्जियां बेचने से संक्रमण का खतरा भी बना हुआ है। 

जिन लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है, उन्हें नियमों का पालन करते हुए घर पर ही रहना चाहिए। नियमों का उल्लंघन कर बाहर निकलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
-विजय थपलियाल, सचिव, मंडी समिति

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