फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   coronavirus in uttarakhand latest news : Infected and his family facing ignorance of neighbors and relatives

Coronavirus in Uttarakhand : संक्रमित और उनके परिवार को साल रही पड़ोसियों और रिश्तेदारों की अनदेखी

Mon, 21 Sep 2020 02:24 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 21 Sep 2020 02:24 PM IST
विज्ञापन
coronavirus in uttarakhand latest news : Infected and his family facing ignorance of neighbors and relatives
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : sociol media

कोरोना संक्रमित मरीजों और उनके परिवारीजनों को ठीक होने के बाद रिश्तेदारों और पड़ोसियों की अनदेखी साल रही है। उनको बीमारी से जूझने के साथ ही सामाजिक कारणों से भी दो चार होना पड़ रहा है।

विज्ञापन


उत्तराखंड विस मानसून सत्र 2020: सत्र पर कोविड के वार से 1053 प्रश्न रहेंगे निरुत्तर
विज्ञापन


विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी भी बीमारी में इंसान को सहानुभूति की जरूरत होती है। बेशक कोरोना एक वैश्विक महामारी है और इसका संक्रमण भी तेजी से हो रहा है। फिर भी उचित दूरी बनाकर और अन्य एहतियात बरतकर विभिन्न माध्यमों से पीड़ित मरीज या उनके परिवार के सदस्यों की मदद की जा सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अगर देहरादून जिले की ही बात करें तो रोजाना सैकड़ों की संख्या में यहां कोरोना के मरीज सामने आ रहे हैं, वही कई लोगों का नकारात्मक रवैया मरीजों और उनके परिवारों के लिए बहुत पीड़ादायक साबित हो रहा है। दूसरी तरफ रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ रही है तो ऐसे में स्वास्थ्य विभाग से भी अब संक्रमित मरीजों को एक-दो दिन में भी रिपोर्ट मिलनी मुश्किल हो रही है।

साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से उन्हें अस्पताल या कोविड केयर सेंटर ले जाने या होम आइसोलेशन में रहने की सुविधा और एहतियात के बारे में तत्काल नहीं बताया जा रहा है। इससे कोरोना मरीज और उनके परिवारी जन एक साथ कई मोर्चों पर पीड़ा से जूझ रहे हैं। 

कोरोना से परिवार के एक बुजुर्ग की मौत

केस एक : हरिद्वार रोड निवासी प्रतिष्ठित परिवार के कुछ सदस्यों को कोरोना हुआ। कोरोना से परिवार के एक बुजुर्ग की मौत भी हो गई। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक तो परिजन को खोने का दुख और दूसरा उनके पड़ोस और कई खास लोगों ने दूरी बना ली। लोगों ने मकान के बाहर एक निश्चित दूरी से तो दूर फोन पर कॉल कर सांत्वना देना भी उचित नहीं समझा। मुखिया को कोरोना संक्रमित होने के बाद अपना और परिवार के दूसरे सदस्यों के स्वास्थ्य की चिंता है। 

केस दो : हर्रावाला निवासी एक परिवार के दो सदस्यों को कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी गई। परेशान परिजनों ने खुद ही निजी एंबुलेंस बुलाई और अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की इमरजेंसी से ही प्राथमिक जांच कर डॉक्टरों ने उन्हें कोविड केयर सेंटर भेज दिया। उनकी मदद को भी पड़ोस और रिश्तेदारी के अधिकतर लोग उस वक्त सामने नहीं आए।   

केस तीन : डालनवाला निवासी एक युवक को कोरोना हुआ। वह खुद ही जाकर अस्पताल में भर्ती हो गया। उनके सामने अपनी बीमारी के साथ-साथ यह भी चिंता सता रही थी कि घर पर पत्नी और बच्चों को भी अगर संक्रमण हो गया हो तो उनका टेस्ट कैसे कराया जाए। बच्चे छोटे हैं, इसलिए लैब में ले जाने में दिक्कत थी। पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने भी ऐसे समय में मदद नहीं की। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed