Coronavirus in Uttarakhand : देहरादून जिले में 600 पार हुई कोरोना मरीजों की संख्या
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देहरादून जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का संख्या 600 पार कर गई है। रविवार को चार मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।
रविवार दोपहर बाद जारी हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, जिले में बाहर से आए और उनके संपर्क में आने से कुल चार लोग संक्रमित पाए गए। जिन्हें अलग-अलग स्थानों में भर्ती किया गया है। दोपहर बाद तक जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या 604 हो गई थी। जबकि अब तक कोरोना के 373 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।
रविवार को जिले के अलग-अलग अस्पतालों से कोरोना संक्रमण से स्वस्थ 36 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई। कोरोना के स्टेट को-आर्डिनेटर एवं दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि सभी संक्रमित मरीजों का विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उपचार चल रहा है। जिन मरीजों को स्वस्थ होने पर घर भेजा जा रहा है उन्हें भी घर पर पौष्टिक आहार लेने और एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा का घेराव
हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में उपनल के तहत कार्यरत कर्मियों ने आज राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा का घेराव किया। उपनल कर्मियों का आरोप है कि कोविड-19 के तहत पूरे मनोयोग से काम कर रहे हैं, इसके बावजूद भी 3 दिन पहले एमएस कार्यालय से एक पत्र जारी किया गया और कहा गया कि कुछ वार्ड ब्वॉय काम करने में आनाकानी कर रहे हैं।
साथ ही ऐसे कर्मियों को चिन्हित करने की बात भी पत्र में कही गई। उक्त पत्र को ही लेकर कर्मचारी आज भड़क गए और अपना काम छोड़कर प्राचार्य का घेराव किया। प्राचार्य के समझाने बुझाने के बाद मामला शांत हो गया।
नहीं मिला तीमारदारों के अस्पताल में रहने का आदेश
कोरोना मरीजों के साथ कोविड अस्पताल परिसर में एक तीमारदार के रहने के आदेश फिलहाल यहां नहीं लागू हुआ है। कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने संबंध में आदेश दिया था। मरीजों की परेशानी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकारों को इसका पालन करने के लिए कहा था। हालांकि, अब तक कोर्ट का आदेश या सरकार की गाइडलाइन स्थानीय प्रशासन के पास नहीं पहुंची है।
कोरोना के स्टेट को-ऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि छोटे बच्चे, गर्भवती या अन्य असमर्थ मरीजों के मामले में मानवीय आधार पर एक तीमारदार को उनके साथ रहने की अनुमति दी जा रही है। बाकी जो भी आदेश मिलेंगे उनका पालन कराया जाएगा।
होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा संचालकों को नहीं मिल रही सरचार्ज में छूट
होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट संचालकों को तीन माह सरचार्ज में छूट देने की सरकार की घोषणा का पालन नहीं हो रहा है। ऊर्जा निगम की ओर से जो बिल इसमें वितरित किए जा रहे हैं, उसमें सरचार्ज जोड़कर भेजा जा रहा है। ऐसे में संचालक खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
दरअसल, कोरोना की वजह से प्रदेश में होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट बंद पड़े हैं। सरकार ने इन्हें राहत देने के लिए अप्रैल से जून तक बिजली बिल से सरचार्ज में छूट देने की घोषणा की थी। लेकिन, ऊर्जा निगम इस व्यवसाय से जुड़े लोगों को छूट का लाभ नहीं दे रहा है।
वर्तमान में जो बिल निगम की ओर से वितरित किए जा रहे हैं, उसमें सरचार्ज को यथावत रखा गया है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता बीरु बिष्ट ने विभाग को पत्र लिखकर उचित कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में डायरेक्टर परिचालन अतुल अग्रवाल का कहना है कि सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है। अभी सभी की सूची अपडेट नहीं हुई है। इस वजह से बिल में सरचार्ज जुड़कर आ रहा है। इसे बाद में एडजस्ट कर दिया जाएगा।