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उत्तराखंड में कोरोना : ऑक्सीजन की कमी से मौतें रोकने के लिए रोज होगा ऑडिट, डिमांड और कमी के आकलन के लिए लिया निर्णय 

Thu, 06 May 2021 01:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की
अंकित कुमार गर्ग, अमर उजाला, रुड़की Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 06 May 2021 01:49 PM IST
सार

खास बात यह है कि ऑडिट टीम में डॉक्टरों को शामिल किया जाएगा, जो कोविड वार्ड के भीतर जाकर ऑक्सीजन की असल स्थिति की जानकारी प्रशासन को देंगे।

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coronavirus in uttarakhand latest news : daily audit will be done to prevent deaths due to lack of oxygen
प्लांट के बाहर लाइन से जमीन पर पड़े ऑक्सीजन सिलिंडर - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

विनय विशाल हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के बाद जिला प्रशासन ने अस्पतालों में रोज ऑक्सीजन ऑडिट कराने का निर्णय लिया है।

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खास बात यह है कि ऑडिट टीम में डॉक्टरों को शामिल किया जाएगा, जो कोविड वार्ड के भीतर जाकर ऑक्सीजन की असल स्थिति की जानकारी प्रशासन को देंगे। डीएम सी रविशंकर ने बताया कि एक डॉक्टर को तीन अस्पतालों की जिम्मेदारी दी जाएगी। ऑडिट का उद्देश्य रोजाना की वास्तविक स्थिति का पता लगाना है ताकि ऑक्सीजन की कमी से होने वाले हादसे रोका जा सकें।
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€रुड़की के विनय विशाल हॉस्पिटल में ऑक्सीजन खत्म होने से पांच संक्रमितों की मौत हो गई थी। इनमें से एक मरीज वेंटिलेटर पर था जबकि चार मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। इस हादसे के बाद प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, बल्कि यहां से बाहरी प्रदेशों में भी ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है।


ऐसे में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों का मरना यह साबित करता है कि प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन अस्पतालों में ऑक्सीजन की वास्तविक जरूरत का आकलन करने में नाकाम हो रहा है। इसके चलते डीएम सी रविशंकर ने बुधवार को अस्पतालों में ऑक्सीजन ऑडिट के मौखिक आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि टीम में डॉक्टरों को शामिल किया जाएगा। एक डॉक्टर पर तीन अस्पतालों की जिम्मेदारी होगी।

टीम में सुरक्षा और निगरानी की दृष्टि से पुलिस को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ऑडिट टीम रोज निरीक्षण करने के बाद प्रशासन को ऑक्सीजन की डिमांड की सूचना देगी। इससे साफ हो जाएगा कि जिले के अस्पतालों में हर दिन कितनी ऑक्सीजन सप्लाई कराई जानी है।

अब डॉक्टर ही संभालेंगे कमान

विनय विशाल हॉस्पिटल में हादसे के बाद यह साफ हो गया है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी वास्तविक स्थिति को बताने में नाकाम हो रहे हैं। क्योंकि, नोडल अधिकारी कोविड वार्ड के भीतर नहीं जा सकते और उन्हें अस्पताल प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी पर ही निर्भर रहना पड़ता है।

डीएम सी रवि शंकर ने बताया कि इसी के चलते अब डॉक्टरों को ऑक्सीजन ऑडिट की जिम्मेदारी दी जा रही है। डॉक्टर पीपीई किट पहनकर कोविड वार्ड में अंदर जाकर ऑक्सीजन डिमांड का पता लगाएंगे। 

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