Coronavirus: अब फिर बदल रहा कोरोना संक्रमण का मिजाज, लक्षण वाले मरीज आ रहे सामने
- शुरुआत में कोरोना लक्षणों वाले मरीज सामने आए
- बीच में बिना लक्षणों वाले मरीज आए
- अब फिर लक्षणों वाले मरीज सामने आ रहे हैं
विस्तार
कोरोना संक्रमण का मिजाज बदल रहा है। पहले कोरोना के लक्षणों वाले मरीज सामने आ रहे थे। बीच में बिना लक्षणों वाले मरीज बड़ी संख्या में सामने आए। अब फिर से कोरोना लक्षणों वाले मरीज सामने आ रहे हैं। पिछले करीब दो सप्ताह से जिले में ऐसे मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।
इस संबंध में देहरादून के श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के सांस एवं छाती रोग विभाग के विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. जगदीश रावत का कहना है कि अभी इसको लेकर कोई साइंटिफिक प्रूफ सामने नहीं आया है।
यह भी पढ़ें: Coronavirus in Uttarakhand: 230 नए पॉजिटिव केस मिले, 9632 पहुंची संक्रमितों की संख्या, आठ की मौत
लेकिन, जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ रही है उससे यह लोकल ट्रांसमिशन की तरफ भी सीधे-सीधे इशारा कर रहा है। इसके अलावा लोगों को जैसे ही बुखार, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो रही है तो वह खुद सतर्क होकर निजी लैब में जांच करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन में ढील की वजह से भी संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है।
कोरोना के स्टेट को-ऑर्डिनेटर एवं राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के डिप्टी एमएस खत्री ने बताया कि पिछले एक सप्ताह में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। देखने में आया है कि कई लोग शुरुआती दौर में घर में घरेलू उपचार करते हैं।
लेकिन, स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल पहुंच रहे हैं या फिर निजी लैब में कोरोना की जांच करवा रहे हैं। देरी से इलाज होने पर उनमें संक्रमण की स्थिति बिगड़ रही है। संक्रमित मरीजों के मरने की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। इनमें निजी अस्पतालों से ऐन मौके पर मरीजों को रेफर करना भी है। डॉ. खत्री ने बताया कि कोरोना अपना मिजाज बदल रहा है।
इसके बारे में कोई फुलप्रूफ स्टडी अभी तक सामने नहीं आई है। लेकिन, जिस तरह से संक्रमित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि स्थानीय स्तर पर लोगों द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने और गाइडलाइन के पालन में लापरवाही बरतने पर संक्रमण बढ़ रहा है। इस संबंध में वह एक सप्ताह पहले जिलाधिकारी को सूचित कर चुके हैं।