Coronavirus: देहरादून में 24 घंटे के अंदर दूसरे कोरोना संक्रमित की मौत, 13 मरीजों की जा चुकी जान
- शुगर, बीपी, निमोनिया से भी पीड़ित था आढ़ती, हार्ट अटैक बताया जा रहा मौत का कारण
- मंडी को पाबंद कर मालदेवता में किया शिफ्ट, सामुदायिक संक्रमण की आशंका
- संक्रमित आढ़ती के शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का कहर कम होने का नाम ही नहीं ले रहा। देहरादून में 24 घंटे के अंदर दूसरे कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई है। वहीं, प्रदेश में अब तक 13 संक्रमित मरीजों की जान जा चुकी है।
शनिवार देर रात को दून अस्पताल में भर्ती कोरोना पॉजीटिव आढ़ती की मौत के बाद रविवार सुबह एक 80 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। कोरोना के स्टेट को-ऑर्डिनेटर एवं राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि बुजुर्ग को सांस की दिक्कत होने के कारण जोगीवाला स्थित कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उपचार शुरू करने के साथ ही उनका सैंपल कोरोना जांच के लिए भी भेजा था। इस दौरान शनिवार देर रात बुजुर्ग की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी।
आनन-फानन में कैलाश अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को एंबुलेंस से दून अस्पताल पहुंचाया। लेकिन यहां कुछ ही देर में उपचार के दौरान मरीज की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मरीज के शव को दून अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। जिसका कोविड की गाइडलाइन के अनुसार ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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बता दें कि शनिवार रात को ही दून अस्पताल में भर्ती एक कोरोना संक्रमित आढ़ती की मौत भी हो गई थी। निरंजनपुर सब्जी मंडी के 48 वर्षीय आढ़ती और उसके छह परिजन की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सभी को 26 मई को दून अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि तबीयत बिगड़ने पर आढ़ती को चार दिन पूर्व आईसीयू में शिफ्ट किया गया था। शनिवार रात उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गई। मरीज को उन्हें शुगर, बीपीऔर निमोनिया भी था।
सामुदायिक संक्रमण की आशंका
निरंजनपुर सब्जी मंडी में लगातार आढ़तियों, अन्य कर्मचारियों और उनके परिवारों में कोरोना संक्रमण होने के बावजूद मंडी को समय से बंद न करने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दबी जुबान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी देहरादून में सामुदायिक संक्रमण की आशंका भी जता रहे हैं। फिलहाल डीएम डॉ आशीष श्रीवास्तव के आदेश पर निरंजनपुर सब्जी मंडी को 11 जून तक पाबंद किया जा चुका है।
संक्रमित आढ़ती के शव के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद
कोरोना संक्रमित आढ़ती के अंतिम संस्कार को लेकर नालापानी के लोगों ने हंगामा कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना था कि संक्रमित शव का आबादी के बीच श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार नहीं किया जाना चाहिए। इसको लेकर कई देर तक पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों में विवाद होता रहा। आखिर अधिकारियों के समझाने पर स्थानीय लोग किसी तरह अंतिम संस्कार कराने को राजी हुए।
रविवार को इन्होंने नालापानी स्थित श्मशान घाट पर शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। शव घाट लाया गया तो वहां पहले से एक अन्य शव को अग्नि दी जा रही थी। इस पर स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया। इनका कहना था संक्रमित का यहां अंतिम संस्कार करना नियमों के विपरीत है। सूचना पर कांग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार मौके पर पहुंचे। वह भी स्थानीय लोगों के पक्ष में खड़े हो गए।
इसको लेकर पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों में विवाद हो गया। सूचना पर पहुंचे पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों को किसी तरह शांत कराया। उसके बाद आढ़ती के शव का अंतिम संस्कार किया गया। रायपुर थाने के एसएसआई एमएस रावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की मौजूदगी में चिकित्सा सुरक्षा और जरूरी एहतियात के साथ शव का अंतिम संस्कार किया है।