उत्तराखंड: आज से खुले कॉलेज, सिर्फ प्रैक्टिकल कक्षाओं वाले विद्यार्थियों को ही दिया गया प्रवेश
- अभिभावकों का सहमतिपत्र भी जरूरी, कॉलेजों में फिलहाल प्रैक्टिकल कक्षाएं ही होंगी, थ्योरी की कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगी
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उत्तराखंड में मंगलवार से उच्च शिक्षण संस्थान खुल गए हैं। आज राजधानी देहरादून के डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर व एमकेपी पीजी कॉलेज विद्यार्थियों के लिए खुल गए हैं। हालांकि, अभी सिर्फ प्रैक्टिकल कक्षाओं वाले विद्यार्थियों को ही प्रवेश दिया गया है।
डीएवी कॉलेज में पहले दिन अच्छी संख्या में विद्यार्थी पहुंचे हैं, लेकिन कक्षाएं कम ही संचालित हो सकी हैं। पहले दिन अधिकांश विद्यार्थी अभिभावकों का सहमति-पत्र नहीं लाए। इन विद्यार्थियों को प्रारूप दिए जा रहे हैं। पत्र जमा करने के बाद ही कक्षाओं में प्रवेश दिया जाएगा।
यही स्थिति डीबीएस, एसजीआर व एमकेपी पीजी कॉलेज में भी है। पहले दिन कॉलेजों में कक्षाओं के शेड्यूल स्पष्ट न होने के कारण भी समस्या आ रही है। कई विद्यार्थियों को प्रवेश तो मिल गया, लेकिन कक्षा न होने से छात्र कॉलेज परिसर, मैदान में समय काटने को मजबूर भी हो रहे हैं।
सैनिटाइजेशन समेत अन्य तैयारियां पूरी
राजधानी देहरादून के प्रमुख कॉलेज डीएवी, डीबीएस, एसजीआरआर और एमकेपी पीजी कॉलेज में सैनिटाइजेशन समेत अन्य तैयारियां पूरी कर ली गई।
कोरोना के प्रभाव के बीच सख्त नियमों के साथ छात्रों को कॉलेज व विश्वविद्यालय में प्रवेश दिया जा रहा है। दूसरे राज्यों के छात्रों के लिए कोरोना जांच रिपोर्ट अनिवार्य होगी। प्रदेश के छात्रों को इससे राहत दी गई है।
वहीं, सभी छात्रों के लिए अभिभावकों का सहमतिपत्र लाना भी अनिवार्य है। हालांकि, अभी शुरुआती चरणों में कॉलेजों में प्रैक्टिकल की कक्षाएं ही चलाई जाएंगी।
थ्योरी कक्षाएं ऑनलाइन ही चलेंगी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कई कॉलेज में विभागों (संकाय) को शिफ्टवार और कई कॉलेज में आधे-आधे छात्र बुलाए जा रहे हैं। वहीं, तकनीकी कॉलेजों के खुलने की तारीख साफ नहीं है।
कोचिंग में 11वीं कक्षा के छात्रों के शामिल होने पर संशय
शिक्षा विभाग की ओर से सरकारी स्कूलों में शुरू की गई जेईई एवं नीट की कोचिंग में 11वीं कक्षा के छात्रों को भी शामिल किया जाएगा। अभी तक सिर्फ 12वीं कक्षा के छात्र ही लाभ लेते रहे हैं, लेकिन 11वीं कक्षा के छात्रों को स्कूल आने की अनुमति नहीं है। ऐसे 11वीं कक्षा में कितने छात्र कोचिंग कक्षा में शामिल होंगे, इस पर बड़ा संशय बना हुआ है।
अकादमिक शोध एवं प्रशिक्षण की निदेशक सीमा जौनसारी ने सोमवार को राजीव गांधी नवोदय विद्यालय (ननूरखेड़ा) में कोचिंग कक्षा का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल के कारण इस बार ऑफलाइन कोचिंग का आयोजन नहीं हो सका है।
स्कूलों में वर्चुअल माध्यम से कोचिंग कराई जाएगी। कोचिंग का केंद्र नवोदय विद्यालय ननूरखेड़ा को बनाया है। इससे पहाड़ी जिलों के स्कूल भी जुड़ सकेंगे। कहा कि अधिक विद्यार्थियों को कोचिंग का लाभ देने के लिए 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा। योजना का मकसद सरकारी स्कूलों के जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग का लाभ देना है, ताकि वे भी खुद को सरकारी सेवाओं के लिए तैयार कर सकें।