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उत्तराखंड : मुख्यमंत्री तीरथ ने किया ऋषिकेश में बने पांच सौ बेड के कोविड अस्पताल का शुभारंभ
Wed, 26 May 2021 01:07 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 26 May 2021 01:07 PM IST
सार
आईडीपीएल परिसर में डीआरडीओ की ओर से बनाया गया कोविड-19 अस्पताल बहुत कम समय में बनकर तैयार हुआ है।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
डीआरडीओ की ओर से आईडीपीएल मैदान में बने पांच सौ बेड के अस्थायी कोविड अस्पताल का शुभारंभ प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने बुधवार को किया। इससे पहले उन्होंने कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया।
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वहीं बुधवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने श्रीनगर में राजकीय मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल में 30 आईसीयू बेड का ऑनलाइन लोकार्पण भी किया। इस मौके पर उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत अस्पताल में मौजूद रहे। आईसीयू की लागत 9 करोड़ 50 लाख 47 हजार रुपये हैl
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विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि आईडीपीएल परिसर में डीआरडीओ की ओर से बनाया गया कोविड-19 अस्पताल बहुत कम समय में बनकर तैयार हुआ है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त करते हुए डीआरडीओ के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रशंसा की।
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नैनीडांडा, थलीसैंण में लगेंगे ऑक्सीजन प्लांट : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि जल्द ही पौड़ी जिले के नैनीडांडा, थैलीसैंण व अन्य दूरस्थ इलाकों में भी ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाएंगे। यह बात उन्होंने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 30 नए आईसीयू बेड के वर्चुअल लोकार्पण के दौरान कही।
मुख्यमंत्री ने अपने भागीरथीपुरम, जीएमएस रोड स्थित आवास से आईसीयू बेड का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के समय में इन आईसीयू बेड की उपलब्धता से विशेषकर पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग एवं टिहरी जिले के लोगों को इलाज में मदद मिलेगी। इन जिलों से अधिकांश मरीज इलाज के लिए श्रीनगर आते हैं।
कोविड के बाद अन्य बीमारियों के ईलाज के लिए भी इन आईसीयू बेड का उपयोग होगा। राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में आईसीयू, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पतालों में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इनका विस्तार सीएचसी एवं पीएचसी लेवल तक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कोविड की तीसरी लहर के लिए अभी से सतर्कता बरतनी होगी। सभी अस्पतालों में बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था हो। इसकी समय से पूरी तैयारी रखी जाए। इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से उच्च शिक्षा एवं सहकारिता राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, जिलाधिकारी पौड़ी विजय जोगदंडे, सीएमओ पौड़ी डॉ. मनोज शर्मा, प्रिंसिपल श्रीनगर मेडिकल कॉलेज डॉ. सीएमएस रावत आदि उपस्थित थे।
राहत! अस्पतालों में खाली होने लगे आईसीयू, ऑक्सीजनयुक्त बेड
कोरोना संक्रमित मरीजों और तीमारदारों को अब आईसीयू बेड और ऑक्सीजनयुक्त बेड के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में बहुत अधिक जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी। कारण कि राजधानी देहरादून के सरकारी और निजी अस्पतालों में अब आईसीयू और ऑक्सीजनयुक्त बेड खाली होने लगे हैं।
दून अस्पताल के उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ गिरने के साथ ही अस्पताल में बेड खाली होने लगे हैं। अभी अस्पताल में 100 ऑक्सीजनयुक्त बेड खाली हैं, लेकिन अभी आईसीयू बेड खाली नहीं हैं।
सहारनपुर, हरिद्वार, ऋषिकेश के अलावा पर्वतीय जिलों के बड़ी संख्या में गंभीर मरीजों के अस्पताल पहुंचने की वजह से आईसीयू बेड की अभी थोड़ी दिक्कत है। जिस तरीके से मरीजों का ग्राफ तेजी से गिर रहा है, आने वाले दिनों में आईसीयू बेड भी खाली हो जाएंगे।
आरोग्यधाम अस्पताल के निदेशक व वरिष्ठ गैस्ट्रोसर्जन डॉ. विपुल कंडवाल ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर का असर तेजी से कम हो रहा है। गंभीर मरीजों की संख्या में भी तेजी से कमी आई है। ऐसे में अस्पताल में आईसीयू के साथ ही ऑक्सीजनयुक्त बेड काफी संख्या में खाली हो गए हैं।
बता दें कि पिछले दिनों जब कोरोना संक्रमण पीक पर था तब तमाम अस्पतालों में आईसीयू और ऑक्सीजनयुक्त बेड की किल्लत हो गई थी। स्थिति यह थी कि मरीजों और तीमारदारों को एक-एक बेड के लिए जद्दोजहद करनी पड़ी।