कोरोना: उत्तराखंड में बढ़ने लगी बंदिशें, 15 दिन के भीतर चार जिलों में 74 कंटेनमेंट जोन बने
केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना की दूसरी लहर को काबू करने के लिए कंटेनमेंट जोन, ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
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प्रदेश में कोरोना संक्रमण बढ़ने से बंदिशें भी बढ़ने लगी हैं। 15 दिनों के भीतर चार जिलों में 74 कंटेनमेंट जोन घोषित कर प्रतिबंधित किया गया। सबसे ज्यादा कंटेनमेंट जोन देहरादून जिला में बने हैं।
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केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना की दूसरी लहर को काबू करने के लिए कंटेनमेंट जोन, ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेंट पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। 31 मार्च को देहरादून जिले में पांच कंटेनमेंट जोन थे।
अब देहरादून समेत हरिद्वार, नैनीताल, पौड़ी जिले में 74 माइक्रो कंटेनमेंट जोन बन चुके हैं। इन कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर अन्य सभी तरह की गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध है।
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ऑनलाइन मोड में चलाए जाएं प्रशिक्षण संस्थान: जोशी
उत्तराखंड राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कर्मचारी संघ ने प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन मोड में चलाने की मांग की है। संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद जोशी ने संस्थान के निदेशक को लिखे पत्र में कहा कि संस्थानों के कर्मचारी और छात्र कोरोना संक्रमित हो रहे हैं।
इससे प्रशिक्षण प्रभावित होने के साथ ही कर्मचारियों एवं छात्रों को स्वास्थ्य के प्रति चिंता बनी हुई है। जिसे देखते हुए राज्य के समस्त राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन मोड में चलाए जाने पर विचार किया जाए। ताकि इन संस्थानों में संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
राहत : दो लाख टीके मिले 90 हजार आज आ जाएंगे
उत्तराखंड को केंद्र से नियमित रूप से कोविड टीके की आपूर्ति हो रही है। शुक्रवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया पुणे से दो लाख टीके विमान से जौलीग्रांट पहुंचे। जबकि 90 हजार टीके शनिवार को और मिलेंगे। इससे प्रदेश के पास आने वाले लगभग 10 दिनों का स्टॉक उपलब्ध हो गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ.सरोज नैथानी ने बताया कि प्रदेश में कोविड टीके की कमी जैसी कोई स्थिति नहीं है। केंद्र से नियमित रूप से टीके की आपूर्ति की जा रही है। शुक्रवार को सीरम इंस्टीट्यूट पुणे से दो लाख टीके विमान से जौलीग्रांट पहुंचे।
जहां से वैक्सीन को राज्य वैक्सीनेशन सेंटर लाया गया। प्रदेश के दूरस्थ जिलों को वैक्सीन भेज दी गई है। बाकी जिलों को शनिवार को और मिलने वाली 90 हजार टीके के साथ भेजी जाएगी।
48448 को लगाई वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश भर में 669 केंद्रों पर 48448 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई। अब तक 12.85 लाख से अधिक लोगों को पहली और 2.25 लाख लोगों को दूसरी खुराक लगाई जा चुकी है।
आज से रोडवेज बसों में सिर्फ 50 फीसदी यात्री
कोरोना संक्रमण के प्रसार को देखते हुए परिवहन विभाग ने 50 फीसदी यात्री क्षमता के साथ बसें चलाने का निर्णय किया है। इसके लिए यात्रियों से अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाएगा। वहीं उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने बिना किराया बढ़ाए आधी यात्री क्षमता के साथ बसें चलाने से इनकार कर दिया है। रोडवेज बसों में 50 फीसदी यात्री क्षमता के बावजूद किराया दोगुना नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में सभी मंडलीय महाप्रबंधकों, सहायक महाप्रबंधकों को आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
दूसरी ओर उत्तराखंड परिवहन महासंघ ने 50 फीसदी यात्री क्षमता और वर्तमान किराए की दरों पर गाड़ियों उस को संचालित करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। परिवहन महासंघ अध्यक्ष सुनील राय का कहना है कि 50 फीसदी यात्री क्षमता और वर्तमान किराए की दरों पर बसें संचालित करना किसी भी सूरत में संभव नहीं है।
सचिवालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध
प्रदेश में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण के बीच सचिवालय में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मीडियाकर्मी भी केवल एक घंटे के लिए मीडिया सेंटर से सूचनाएं एकत्र कर पाएंगे। वहीं, कर्मचारियों के समय से न पहुंचने पर मुख्य सचिव ने सभी सचिवों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने सभी प्रमुख सचिवों, सचिवों को पत्र जारी करते हुए इस बात पर नाराजगी जताई कि तमाम कर्मचारी समय से दफ्तर नहीं आ रहे हैं। इस वजह से कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मचारियों पर सख्ती की जाए, ताकि वह समयानुसार कार्यालय आ सकें।
दूसरी ओर, मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अगले आदेशों तक मंत्रियों, विधायकों, सांसदों, केंद्र सरकार के अफसरों को छोड़कर बाकी बाहरी लोगों के सचिवालय में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। उन्होंने कहा है कि मीडियाकर्मी रोजाना चार से पांच बजे के बीच सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर से सूचनाएं एकत्र कर सकेंगे।
वहीं, सचिवालय में जो भी बैठक होगी, उसमें अधिकारियों की संख्या सीमित की जाएगी। बैठक की सूचना एक दिन पूर्व मुख्य सुरक्षा अधिकारी को देनी होगी। बाहरी व्यक्ति को अगर विभाग से जुड़ा कोई भी प्रार्थना पत्र देना होगा तो वह सचिवालय स्थित प्रवेश कार्यालय में ही दे सकेगा।
विधानसभा में प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन जरूरी
बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तराखंड विधानसभा में अब प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा भवन के प्रवेश द्वार पर उपस्थित सुरक्षाकर्मियों को प्रवेश करने वाले सभी लोगों को सैनिटाइज करने और थर्मल स्कैनिंग करने का आदेश दिया।
विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा भवन पहुंचने पर प्रवेशद्वार पर अपनी फ्लीट रोकी और उपस्थित सुरक्षाकर्मियों से कहा कि परिसर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सैनिटाइज किया जाए।
मास्क पहने हुए व्यक्ति को ही परिसर में प्रवेश दिया जाए। विधानसभा के प्रभारी सचिव को भी निर्देशित किया कि विधानसभा के सभी कार्मिकों को भी कोरोना से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन आवश्यक रूप से करवाया जाए।
आदिबदरी मंदिर 15 मई तक पर्यटकों के लिए बंद
बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण आदिबदरी मंदिर समूह व चांदपुरगढ़ी स्मारक को 15 मई तक तीर्थ यात्रियों व पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है।
पुरातत्व विभाग के डायरेक्टर मोन्यूमेंट एनके पाठक ने बताया कि जब केंद्र सरकार के निर्देश नहीं मिलते तब तक ये सभी मंदिर व स्मारक 15 मई तक पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। शुक्रवार को मंदिर बंद रहने के कारण बाहर से आए कई श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाए। मंदिर में मुख्य प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया है। द्वार पर लटकी घंटियों को कपड़े से ढक दिया गया है।
राजाजी टाइगर रिजर्व सफारी संचालकों पर कोरोना की मार
राजाजी टाइगर रिजर्व के सफारी संचालकों पर भी कोरोना की जबरदस्त मार पड़ी है। कोरोना दोबारा तेजी से फैलने के साथ ही टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से घटी है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की सफारी के लिए 65 गाड़ियों का संचालन किया जाता है। लेकिन, पिछले एक माह से सफारी कराने वाले संचालकों की आर्थिक हालत खस्ता है।
राजाजी टाइगर रिजर्व सफारी वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव शशि राणाकोटी का कहना है कि टाइगर रिजर्व में सफारी कराने वाले संचालकों पर कोरोना संक्रमण की जबरदस्त मार पड़ी है। स्थिति कितनी खराब है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले एक माह के भीतर तमाम सफारी संचालकों को एक बार भी सफारी पर जाने का मौका नहीं मिला है।
यूटीयू ने 22 अप्रैल से होने वाली परीक्षाएं दो मई तक टालीं
वीर माधो सिंह भंडारी राज्य प्रोद्यौगिकी विवि (यूटीयू) ने 22 अप्रैल से प्रस्तावित परीक्षाओं को दो मई तक के लिए टाल दिया है। विवि के परीक्षा नियंत्रक की ओर से शुक्रवार को इसके आदेश जारी किए गए। विवि अगले कुछ दिनों में परीक्षा का संशोधित कार्यक्रम जारी कर सकता है।