Coronavirus In Uttarakhand: 302 नए संक्रमित मिले, मरीजों की संख्या 6300 पार, तीन की मौत
- हरिद्वार जिले में 118, नैनीताल में 48, ऊधमसिंह नगर में 30, देहरादून जिले में 10 संक्रमित मामले
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले रोजाना बढ़ रहे हैं। सोमवार को 302 संक्रमित मामले मिले हैं जबकि तीन संक्रमितों की मौत हुई है। हालांकि, उनकी मौत का कारण अन्य बीमारी बताई गई हैं। हरिद्वार जिले में फिर से एक ही दिन में 118 कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। प्रदेश में अब तक संक्रमितों का आंकड़ा 6300 के पार हो गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में 4026 सैंपल निगेटिव पाए गए हैं। हरिद्वार जिले में 118 लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें 78 संक्रमित संपर्क और 40 की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
नैनीताल जिले में 48 संक्रमित मरीज संपर्क में आने से कोरोना की चपेट में आए हैं। ऊधमसिंह नगर जिले में 108 संक्रमितों की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। देहरादून जिले में 10 संक्रमितों में पांच संपर्क वाले और पांच की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। उत्तरकाशी जिले में 10 संक्रमित मिले हैं।
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इनमें आठ संपर्क और दो की ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। अल्मोड़ा जिले में तीन संक्रमित संपर्क और पिथौरागढ़ जिले में तीन एसएसबी जवानों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। जो जम्मू-कश्मीर से आए हैं। रुद्रप्रयाग और टिहरी जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। इनकी ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है।
एम्स ऋषिकेश में कोरोना संक्रमित 28 वर्षीय युवक, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 30 वर्षीय युवक और 70 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है। अस्पतालों की रिपोर्ट में संक्रमितों की मौत का कारण अन्य बीमारी बताई गई। प्रदेश में अब तक 66 संक्रमितों की मौत हो चुकी है।
आज मिले संक्रमित मामले
जिला संख्या
हरिद्वार 118
नैनीताल 108
ऊधमसिंह नगर 30
देहरादून 10
उत्तरकाशी 10
अल्मोड़ा 03
पिथौरागढ़ 03
रुद्रप्रयाग 01
टिहरी 01
आयुष विभाग ने वापस मांगे कोविड रोकथाम में तैनात डॉक्टर व कर्मी
कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन और एलोपैथिक विभाग के माध्यम से तैनात आयुर्वेद डॉक्टरों व कर्मचारियों को विभाग ने वापस मूल चिकित्सालयों में भेजने को कहा है। सचिव आयुष दिलीप जावलकर ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया हैं। वर्तमान में 606 आयुष डॉक्टरों और कर्मी कोरोना संक्रमण रोकथाम ड्यूटी में तैनात है।
सचिव आयुष की ओर से जारी पत्र के अनुसार जिला प्रशासन और एलोपैथिक विभाग ने आयुष विभाग के 606 डॉक्टरों और कर्मचारियों को क्वारंटीन सेंटर, कोविड केयर सेंटर, सीमावर्ती चेक पोस्ट, आईसोलेशन सेंटर में तैनात किया हैं। सचिव ने कहा है कि कोरोना संक्रमण रोकथाम में आयुष डॉक्टरों व कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं है तो उन्हें मूल चिकित्सालयों को भेजा जाए।
वहीं, एलोपैथिक और आयुष डॉक्टरों और कर्मचारियों के जोखिम से सुरक्षा और विश्राम अवधि में संतुलन बनाया जाए। बता दें कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए आयुष विभाग के 1722 डॉक्टरों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें 606 डॉक्टरों व कर्मियों को एलोपैथिक विभाग के माध्यम से ड्यूटी तैनात किया गया है।
कोरोना पॉजिटिव गर्भवती को रुद्रपुर भेजने पर हंगामा
खटीमा क्षेत्र के इस्लामनगर की गर्भवती महिला रैपिड एंटिजन टेस्ट में कोरोना संक्रमित निकली। महिला को कोविड केयर सेंटर रुद्रपुर भेजने पर नागरिक अस्पताल में परिजनों ने हंगामा कर दिया। बमुश्किल महिला को रुद्रपुर भेजा जा सका। बाद में प्रशासन ने महिला के घर इस्लामनगर क्षेत्र के हिस्से को कंटेनमेंट जोन बनाने के लिए सर्वे किया।
रविवार देर रात 108 आपातसेवा से इस्लामनगर निवासी 24 वर्षीय गर्भवती महिला को नागरिक अस्पताल लाया गया। महिला का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया गया तो वह संक्रमित निकली। इस बीच महिला को रुद्रपुर भेजने को लेकर हंगामा हुआ। नोडल अधिकारी डॉ. वीपी सिंह ने बताया रात को रैपिड एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद महिला को रुद्रपुर भेज दिया।
बताया गया कि महिला के परिजन भी साथ में गए। इधर, सोमवार को तहसीलदार यूसुफ अली, जांच अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा आदि ने टीम के साथ महिला के घर के आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया और कंटेनमेंट जोन बनाया। तहसीलदार ने बताया कि उक्त क्षेत्र में 39 परिवार, 223 सदस्य सर्वे में सामने आए। नोडल अधिकारी ने बताया कि 24 जुलाई को भेजे गए 97 सैंपल जांच में निगेटिव आए हैं।