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Uttarakhand : कोरोना संक्रमण को देखते हुए 469 वर्षों में पहली बार नहीं होगा यह ऐतिहासिक मेला
Thu, 21 May 2020 01:22 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सतपुली
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, सतपुली
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 21 May 2020 01:22 PM IST
सार
- कोरोना संक्रमण को देखते हुए मंदिर समिति ने लिया मेला स्थगित करने का निर्णय
- कल्जीखाल ब्लाक के इस दो दिवसीय मेले में हजारों की तादात में जुटते हैं श्रद्धालु
- छह और सात जून हो होना था मुंडनेश्वर मेला
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कल्जीखाल ब्लाक का प्रसिद्ध खैरालिंग महादेव मंदिर में लगने वाला ऐतिहासिक मुंडनेश्वर मेला नहीं होगा। 469 वर्षों में पहली बार मेले के आयोजन को स्थगित किया गया है। मंदिर समिति ने कोरोना संक्रमण के फैलने के खतरे को देखते हुए यह निर्णय लिया है।
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वर्ष 1551 से लगातार प्रतिवर्ष खैरालिंग महादेव और काली मंदिर में छह और सात जून को भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में हजारों की तादात में क्षेत्र के स्थानीय और प्रवासी श्रद्धालु एकत्र होते हैं। पूर्व में मेले के दौरान बड़ी संख्या में मंदिर में बलि चढ़ाई जाती थी, लेकिन कुछ वर्षों से यहां बलि प्रथा बंद कर दी गई है।
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अब यहां श्रीफल से पूजा की जाती है। कोरोना संक्रमण के कारण 469 वर्षों में यह पहला मौका है, जब मेले के आयोजन को स्थगित कर दिया गया है। मंदिर समिति के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी पर भारत सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए इस वर्ष खैरालिंग महादेव और काली मंदिर में आयोजित मुंडनेश्वर भव्य मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा।
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छह और सात जून को होने वाले मेले के दिन मात्र मंदिर के पुजारी द्वारा खैरालिंग महादेव और मां काली की पूजा अर्चना कर भगवान को भोग प्रसाद चढ़ाया जाएगा। मंदिर में श्रद्धालुओं के आने पर पाबंदी रहेगी।