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उत्तराखंड में कोरोना: कोविडकाल में अदालतों ने एक लाख से ज्यादा मामले निपटाए
Thu, 24 Jun 2021 09:26 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 24 Jun 2021 09:26 PM IST
सार
अदालतों का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि प्रदेश में अब भी न्यायाधीशों के 14 फीसदी पद खाली हैं।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
कोरोना की पहली लहर के दौरान जब सबकुछ बंद हो गया था, तब भी राज्य की अदालतें इंसाफ करने के काम में लगी हुईं थीं। कोरोनाकाल के नौ महीनों में राज्य की अदालतों ने एक लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया।
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यह खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना से हुआ है। काशीपुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता नदीम उद्दीन ने यह सूचना उच्च न्यायालय के लोक सूचना अधिकारी से प्राप्त की है। प्राप्त सूचना के अनुसार वर्ष 2020 में जब उत्तराखंड भी कोरोना महामारी और उससे उपजी दुश्वारियों का सामना कर रहा था, ऐसे विकट हालातों में राज्य की अदालतें अपना दायित्व निभा रही थीं।
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2020 वैश्विक कोरोना महामारी वर्ष में बहुत कम दिन ही अदालतें सुुचारू रूप से चल पाईं, लेकिन फिर भी न्यायाधीशोें व न्यायिक अधिकारियों व अधिवक्ताओं की सक्रियता से उत्तराखंड में 157470 वादों का निपटारा किया गया। इसमें 107397 वादों का निपटारा तो अप्रैल से दिसंबर तक लॉकडाउन अवधि में ही किया गया।
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2020 में पूरे वर्ष में 13496 केसों का निपटारा उच्च न्यायालय ने तथा 143974 केसों का निपटारा अधीनस्थ न्यायालयोें ने किया। वहीं लॉकडाउन वाली अवधि अप्रैल से दिसम्बर 2020 के बीच 10075 केसों का निपटारा उच्च न्यायालय तथा 97322 केसों का निपटारा अधीनस्थ न्यायालयों ने किया। 31 दिसंबर 2020 को कुल अदालतों में 287183 केस लंबित रह गए, जिसमें 37923 वाद उच्च न्यायालय में तथा 249350 वाद अधीनस्थ न्यायालयों में लंबित हैं। इसमें से 228677 वाद फौजदारी तथा 58506 दीवानी वाद लंबित हैैं।
कोरोनाकाल में हाईकोर्ट 16012 केस दर्ज हुए
कोरोना की पहली लहर के दौरान उच्च न्यायालय में 16012 नए केस फाइल हुए। इनमें 8121 दीवानी तथा 7891 फौजदारी के हैं। जबकि कोरोना लॉकडाउन अवधि में ही कुल 11246 नए केस फाइल हुए। इनमें 5444 फौजदारी केस हैं। वहीं, उत्तराखंड के अधीनस्थ न्यायालयोें में 2020 में कोरोना अवधि में 198043 केस फाइल हुए।
अदालतों में 14 प्रतिशत पद खाली
राज्य की अदालतों में अधिकारियों व न्यायाधीशों केे कुल 14 प्रतिशत पद खाली हैैं। उत्तराखंड में जिला जज व अपर जिला जज के 101 पद मंजूर हैं, जिसमें से नौ पद खाली हैं। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 108 पदों में से 31 पद खाली हैं। सिविल जज (सीनियर डिवीजन) केे 88 स्वीकृत पदों में से दो पद खाली हैं।