उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज समेत परिवार और स्टाफ के 22 पॉजिटिव
- कैबिनेट मंत्री के परिवार के संक्रमित होने पर आवास के आसपास का क्षेत्र पाबंद
- कैबिनेट में गए थे महाराज, मंत्रिमंडल के सदस्य होंगे होम क्वारंटीन
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उत्तराखंड के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज समेत परिवार के पांच और सदस्यों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। महाराज के अलावा पॉजिटिव मिले चार अन्य सदस्यों में छोटा बेटा सुयश, बड़ी बहू आराध्य, छोटी बहू मोहिनी और पांच साल का पोता श्रेयांश शामिल है। जबकि बड़े बेटे श्रद्धेय का सैंपल दोबारा से जांच के लिए भेजा जा रहा है। महाराज के गनर, चालक, माली सहित आवास पर काम करने वाले 17 कर्मचारी भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। इन सभी को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है, जहां महाराज की पत्नी पूर्व मंत्री अमृता रावत का भी इलाज चल रहा है। वह शनिवार को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महाराज और उनके परिवार के सभी सदस्यों के साथ ही आवास में काम करने वाले कर्मचारियों के सैंपल जांच के लिए भेजे थे। कुल 41 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से कुल 22 लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई। उत्तराखंड के अपर सचिव, स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि इन सभी के संपर्क में आए लोगों को चिह्नित करने की कोशिश की जा रही है।
कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे महाराज, पर कोई मंत्री क्वारंटीन नहीं
महाराज के पॉजिटिव पाए जाने से प्रदेश सरकार पर भी कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। पॉजिटिव आने से पहले महाराज शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक में शामिल हुए थे। इसमें मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत सभी कैबिनेट मंत्री, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और शासन के अन्य उच्च अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने एहतियात बरतते हुए सभी बैठकें निरस्त कर दी हैं। वहीं, अन्य कैबिनेट मंत्रियों को फिलहाल क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से मांगे जाने पर गोपनीय विभाग ने पांच मंत्रियों समेत 15 से 20 लोगों के नाम दे दिए हैं। जिला प्रशासन ही इस पर निर्णय लेगा।
स्वास्थ्य सचिव बोले- अन्य मंत्रियों को खतरा कम...
सचिव, स्वास्थ्य अमित नेगी ने बताया कि कोरोना संक्रमण रोकने के लिए आईसीएमआर की ओर से जारी गाइडलाइन में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की ट्रेसिंग की दो श्रेणी तय की गई है। इसमें ‘हाई रिस्क’ और ‘लो रिस्क’ श्रेणी शामिल है। अधिक रिस्क वाले संपर्क की दशा में 14 दिन का होम क्वारंटीन किया जाएगा और आईसीएमआर के प्रोटोकॉल के अनुसार सैंपल टेस्ट किए जाएंगे। कम रिस्क वाले संपर्क वाले अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल की बैठक में भाग लेने वाले मंत्री और अधिकारी सतपाल महाराज के क्लोज कॉन्टेक्ट में न होने के कारण कम रिस्क वाली श्रेणी के तहत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं। उन्हें क्वारंटीन करने की जरूरत नहीं है। वहीं, पहले कहा जा रहा था कि कई मंत्री होम क्वारंटीन में चले गए हैं। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने भी बताया कि अब मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को क्वारंटीन होना होगा। गाइडलाइन के अनुरूप स्वास्थ्य विभाग सभी की सैंपल जांच भी करेगा।
बैठक में शामिल कुछ अफसर होंगे होम क्वारंटीन , कुछ वर्क फ्रॉम होम करेंगे
कैबिनेट की बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारियों के लिए भी व्यवस्था बनाई जा रही है। मुख्य सचिव के मुताबिक कुछ को होम क्वारंटीन किया जाएगा, वहीं कुछ से वर्क फ्रॉम होम कराया जाएगा। अगर किसी अफसर की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उनके स्टाफ और परिवारजनों का सैंपल लिया जाएगा।
महाराज के आवास के आसपास का क्षेत्र सील...
सतपाल महाराज समेत उनके परिवार और स्टाफ के 23 सदस्यों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद प्रशासन ने सर्कुलर रोड, डालनवाला स्थित उनके आवास के आसपास का क्षेत्र सील कर दिया है। क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है। अगले आदेश तक यहां के लोग क्षेत्र से बाहर नहीं जा सकेंगे। इस दौरान क्षेत्र के बैंक, दुकानें और अन्य प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे। डीएम, देहरादून डॉ.आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। डीएम ने कहा कि इस क्षेत्र में जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति अब प्रशासन कराएगा।
महाराज ने नहीं लिया सबक
कुछ दिन पहले दिल्ली से कुछ लोग महाराज के सर्कुलर रोड स्थित आवास पर आए थे। इस पर केंद्रीय गाइडलाइन के अनुसार उनके आवास को जिला प्रशासन ने 26 मई को सील किया था। इसके बाद महाराज ने अपना ऑफिस सरकारी आवास में शिफ्ट कर लिया था, लेकिन खुद होम क्वारंटीन नहीं हुए। अगर वह होम क्वारंटीन हो गए होते तो बैठकों में भाग नहीं ले पाते और पैदा हुए हालात को टाला जा सकता था।