{"_id":"602c13b179fe08328f48ebc4","slug":"coronavirus-in-uttarakhand-all-government-employees-will-come-to-office-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: अब सभी सरकारी कर्मचारी आएंगे दफ्तर, अभी तक 75 प्रतिशत उपस्थिति का नियम था लागू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: अब सभी सरकारी कर्मचारी आएंगे दफ्तर, अभी तक 75 प्रतिशत उपस्थिति का नियम था लागू
Wed, 17 Feb 2021 12:21 AM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 17 Feb 2021 12:21 AM IST
विज्ञापन
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना संक्रमण के मामलों में आ रही कमी को देखते हुए सरकार ने अब अपने सभी कर्मचारियों से कहा है कि वे दफ्तर आएं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सामान्य प्रशासन के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
विज्ञापन
सामान्य प्रशासन की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब सचिवालय समेत सभी सरकारी कार्यालयों के सभी कर्मचारियों को दफ्तर में रहकर काम करना होगा। कोरोना संक्रमण को देखते हुए लॉकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से कहा था कि केवल आपातकालीन सेवा वाले कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे।
विज्ञापन
इसके बाद अनलॉक के दौरान पचास प्रतिशत और बाद में 75 प्रतिशत कर्मचारियों को ही दफ्तर आने को कहा गया था। इसी तरह सचिवालय में भी बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया था। कुछ समय पहले ही सरकार ने सचिवालय में बाहरी लोगों के प्रवेश को अनुमति दी थी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री के मुुताबिक प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आई है। इसको देखते हुए यह फैसला किया गया। सचिवालय प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव तैयार किया गया था। इसी के साथ सरकार ने अब वर्क फ्रॉम होम से किनारा कर लिया है।
अर्थव्यवस्था को गति देनेे का भी दबाव
अनलॉक में अब प्रदेश सरकार पर अर्थव्यवस्था को गति देने का भी दबाव है। एक मार्च से बजट सत्र भी शुरू हो रहा है। कुंभ और चार धाम यात्रा भी अब नजदीक हैं। हालांकि लॉक डाउन और उसके बाद अनलॉक के दौरान भी सरकार ने वर्क फ्रॉम होम की कार्यसंस्कृति को बढ़ावा दिया था। खुद मुख्य सचिव ने भी घर से कुछ समय तक काम किया।
कोरोना टीका आने का भी पड़ा फर्क, चुनावी वर्ष की है मजबूरी
कोरोना के मामलों में कमी के साथ ही कोरोना टीका आने से भी शासन को अब दफ्तरों से काम करने के आदेश जारी करने का हौसला मिला है। चुनावी वर्ष होने के कारण भी सरकार अब तुरंत फैसले करने का मन बना रही है। खुद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत विधानसभा के स्तर पर मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा कर रहे हैं।