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कोरोना: जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य टीम अलर्ट, हल्द्वानी में एक संदिग्ध का सैंपल लिया

Wed, 04 Mar 2020 10:08 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/ देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हल्द्वानी/ देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 04 Mar 2020 10:08 PM IST
सार

  • 24 लोगों की लिस्ट स्वास्थ्य विभाग को मिली है जो जनवरी से अब तक विदेश से आए हैं
  • 28 दिन तक शरीर में रहता है कोरोना का वायरस 

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Coronavirus in India: Panic in uttarakhand, Team alert on Jolly Grant Airport
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विदेश से आए सात लोगों पर स्वास्थ्य विभाग नजर रखे हुए है। सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार को कोरोना की जांच के लिए एक मरीज का सैंपल लिया गया। कोरोना को लेकर शासन से स्वास्थ्य विभाग को बराबर इनपुट मिल रहा है। जनवरी से लेकर अब तक एयरपोर्ट अथॉरिटी ने 24 लोगों की लिस्ट शासन को भेजी। शासन की ओर से सभी की लिस्ट सीएमओ को भेजी गई।

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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विदेश से लौटे सभी लोगों के आवास पर जाकर संपर्क साधा। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक व्यक्ति से स्वास्थ्य विभाग की टीम की मुलाकात नहीं हो पाई क्योंकि वह किराए पर रहता था और यहां से जा चुका है। एक व्यक्ति दो दिन रुका और उसके बाद विदेश चला गया।  सीएमओ डॉ. भारती राणा ने बताया कि 15 विदेशियों की 28 दिन की अवधि पूरी हो गई और कोरोना का किसी तरह का कोई लक्षण नहीं मिला।
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सात पर नजर रखी जा रही है। विदेश से आए एक व्यक्ति को बुधवार की शाम एसटीएच ले जाया गया और उसका सैंपल लिया गया। हालांकि, सैंपल जांच के लिए अभी नहीं भेजा गया है। एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि विदेश से आने के बाद एक व्यक्ति ने सोमवार को ओपीडी में आकर डॉक्टर को दिखाया था। उसका सैंपल लिया गया है। हालांकि उसमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला है। 

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एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य टीम अलर्ट

कोरोना वायरस को लेकर जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग की हेल्प डेस्क अलर्ट है। विदेशों से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। हालांकि अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है। 

कोरोना वायरस को लेकर एक माह पहले स्वास्थ्य विभाग ने हेल्प डेस्क शुरू की थी। जो बदस्तूर अपना काम कर रही है। कोरोना वायरस के संदिग्ध मामले भारत में आने के बाद हेस्क डेस्क अलर्ट होकर अपना काम कर रही है। दो शिफ्टों में स्वास्थ्य विभाग की टीम हेल्प डेस्क पर काम कर रही है। पहली टीम सुबह सात बजे से तीन बजे और दूसरी टीम तीन बजे से अंतिम फ्लाइट की आवाजाही होने तक मौजूद रहती है।

दूसरे देशों और प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले हवाई यात्रियों पर नजर लगी हुई है। एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग की टीम डिजिटल थर्मामीटर से परीक्षण कर रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य कंद्र डोईवाला के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केएस भंडारी ने बताया कि विभागीय टीम बराबर एयरपोर्ट पर मौजूद है। दूसरे देशों से आने वाले सैलानियों की जांच भी हो रही है। विदेशों से आने वाले हवाई यात्रियों से जांच कराने के लिए अनुरोध भी किया जाता है। बताया कि कोरोना वायरस को लेकर विभागीय स्तर पर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।

सेंट्रल एसी न वेंटीलेटर, बना दिए आइसोलेशन वार्ड

हल्द्वानी में कोरोना को लेकर स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। दावा किया जा रहा है कि जिला अस्पतालों से लेकर एसटीएच तक में आइसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। आइसालेशन वार्ड में न वेंटीलेटर हैं और ना ही मॉनीटर। ऐसे में अगर कोरोना का एक भी पॉजिटिव केस आ गया तो संभालने में पसीने छूट जाएंगे। 

कोरोना से निपटने के लिए सिर्फ मास्क और किटें खरीदीं गईं हैं। स्वास्थ्य निदेशक कुमाऊं से लेकर सीएमओ तक दावा कर रहीं हैं कि अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। मानकों के तहत आइसोलेशन वार्ड में वेंटीलेटर और मॉनीटर जरूरी हैं। साथ ही सेंट्रल एसी की व्यवस्था भी होनी चाहिए। फंडिंग के अलावा सैंपल लेने के लिए पूरी टीम होनी चाहिए। दावा किया जा रहा है कि एसटीएच में 14 और जिला अस्पतालों में पांच से छह बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। 

सुशीला तिवारी अस्पताल ने दो वेंटीलेटर दिए हैं। बाकी सब बाद की बात है। जरूरत पड़ेगी तो एसटीएच से और वेंटीलेटर लिए जाएंगे। सेंट्रल एसी से तो कोरोना और फैलेगा। राज्य सरकार से निर्देश लेकर काम करेंगे। 
-डॉ. भारती राणा, सीएमओ 

वेंटीलेटर की संख्या बहुत अधिक नहीं है। कोरोना मरीजों के लिए अलग आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। जरूरत पड़ने पर सेंट्रल एसी चल जाएगा। दो वेंटीलेटर रखे गए हैं। बहुत अधिक वेंटीलेटर तो अस्पताल में हैं नहीं। 
-डॉ. अरुण जोशी, एमएस एसटीएच।

पेट संबंधी बीमारी से ग्रसित है कोरोना का संदिग्ध मरीज

धारचूला से मंगलवार को लौटाए गए नेपाल के युवक की जांच में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले। उसे पेट से संबंधित बीमारी का मरीज बताया गया है। नेपाल के सुनसेरा निवासी रमेश सिंह को मंगलवार को झूलापुल से एसएसबी और मेडिकल टीम ने वापस कर दिया था। वह काठमांडू से भारत के रास्ते अपने घर जा रहा था।

रमेश सिंह बुधवार को नेपाल के दार्चुला जिला अस्पताल में भर्ती हुआ। अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद रमेश को पेट से संबंधित बीमारी होने की बात बताई। अस्पताल से अपराह्न तीन बजे बाद उसे छुट्टी दे दी गई। रमेश को झूलापुल से लौटाने के बाद क्षेत्र और सोशल मीडिया में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज पाए जाने की अफवाह जोरों पर थी। संयुक्त चिकित्सालय धारचूला के प्रभारी डॉ. एमके जायसवाल ने लोगों से अफवाह नहीं फैलाने की अपील की है।

तीन फीट की दूरी से करें बातचीत
एसएमजेएन पीजी कॉलेज में बुधवार को छात्र छात्राओं को कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी दी गई। बताया गया कि किसी से भी बातचीत करते हुए न्यूनतम तीन फीट की दूरी बनाए रखें। किसी के खांसते और छींकते वक्त उसके नजदीक न रहें।

डॉ. ज्योति चौहान छात्र छात्राओं को हर रोज सुबह एवं रात को टूथ ब्रश करते हुए जीभ को टंग क्लीनर से जरूर साफ करने को कहा। थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी पीने की नसीहत दी ताकि गले में नमी रहे। उन्होंने किसी से मिलने पर हाथ मिलाने की जगह नमस्ते करने का सुझाव दिया। बार बार नाक, मुंह और आंखों को बार बार छूने से परहेज बरतने को कहा। 

कहा कि अगर सिरदर्द, नाक बहना, खांसी, गले में खराश, बुखार, थकान महसूस हो, निमोनिया, फेफड़ों में सूजन हो तो इसे नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। मौके पर कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा, डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी, डॉ. सरस्वती पाठक, डॉ. मन मोहन गुप्ता, डॉ. मनोज सोही, डॉ. शिव कुमार चौहान, डॉ. ऋतु चौधरी, डॉ. पद्मावती तनेजा, वैभव बत्रा, मोहन चंद्र पांडेय, डॉ. विजय शर्मा, अंकित अग्रवाल, डॉ. जेसी आर्य, नलिनी जैन, प्रिंस श्रोतिय, विनीत सक्सेना, रिंकल  गोयल, रिचा मिनोचा, डॉ. लता शर्मा, निविंदया शर्मा, डॉ विनीता चौहान, कंचन तनेजा आदि मौजूद रहे। 

पासपोर्ट के पते ढूंढने में स्वास्थ्य विभाग के छूटे पसीने 

नौ देशों से यात्रा कर हरिद्वार लौटे 17 लोगों के पासपोर्ट में दिए पते नहीं मिल पा रहे हैं। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ ने विस्तृत रिपोर्ट डब्ल्यूएचओ और एसएसपी हरिद्वार को भेज दी है। इसके अलावा बुधवार को हरिद्वार पहुंचे इटली के 13 और जापान के दो नागरिकों की स्क्रीनिंग की। जांच सामान्य आने के बाद क्षेत्र घूमने की अनुमति जारी की। 

चीन में फैले कोरोना वायरस को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। शहर में हाल ही में 80 लोग विदेश की यात्राओं से लौटे हैं। इन सभी के स्वास्थ्य की जांच चल रही है। मगर विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से दी गई 80 यात्रियों की सूची में से 17 यात्रियों के पासपोर्ट के अनुसार आवास नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में आवास ढूंढना  स्वास्थ्य विभाग की टीम के लिए चुनौती बन गया है। सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने एसएसपी सेंथिल कृष्णराज अबुदई से इस मामले में मदद मांगी है। सीएमओ ने बताया कि मामले की रिपोर्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन को भेज दी गई है। 

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