कोरोना वायरस : चीन से घर पहुंची छात्रा, खुशी में छलके परिजनों के आंसू
- कोरोना वायरस के खौफ के साये में बेटी को लेकर सहमे थे परिजन
- चीन के युआन जी विश्वविद्यालय में रिसर्च कर रही थी लोहाघाट की छात्रा
- 20 दिन गुरुग्राम आर्मी अस्पताल में सघन निगरानी में रहने के बाद पहुंची घर
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चीन में फैले कोरोना वायरस की दहशत के बीच वहां के एक विश्वविद्यालय में रिसर्च कर रही चंपावत जिले की एक छात्रा के गुरुग्राम में हुए तमाम परीक्षण में कोरोना की पुष्टि न होने के बाद उसे घर भेजने के लिए हरी झंडी मिलने के बाद छात्रा बुधवार को अपने घर पहुंच गई है। बेटी के घर पहुंचने पर माता-पिता और परिजनों के खुशी के आंसू छलक पड़े।
लोहाघाट के एक व्यापारी की बेटी करीब पांच माह पूर्व रिसर्च के लिए चीन के युआन जी विश्वविद्यालय गई थी। इस बीच कोरोना वायरस ने चीन सहित दुनिया में हाहाकार मचा दिया। जनवरी के अंत में चीन से दिल्ली पहुंचने के बाद इस छात्रा सहित 240 अन्य यात्रियों को 20 दिन तक गुरुग्राम आर्मी अस्पताल में सघन निगरानी में रखा गया।
बुधवार को छात्रा लोहाघाट पहुंची
तमाम परीक्षण के बाद कोरोना वायरस की पुष्टि न होने के बाद छात्रा को घर जाने की अनुमति दी गई। बुधवार को यह छात्रा लोहाघाट पहुंची। छात्रा को कोरोना के डर से 15 दिन तक चीन में घर में बंद रहने को मजबूर होना पड़ा था।
अब छात्रा के घर आने से माता-पिता, दादी व परिवार के अन्य लोग खुश हैं। कोरोना फैलने की खबर के बाद से परिवार में बेटी को लेकर डर का माहौल था। परिजन फोन से बेटी को नसीहत देने के साथ ही हौसला देते रहे। बुधवार को बेटी को अपने सामने पाकर मां समेत तमाम परिजनों के खुशी के आंसू छलक उठे।