कोरोना: यहां ऐसे लापरवाह बने हुए हैं कई विभाग, राशन, आधार और पासपोर्ट के लिए हो रहे बायोमीट्रिक
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उत्तराखंड में कोरोना वायरस महामारी घोषित हो गया है। लेकिन यहां खाद्य आपूर्ति विभाग, आधार केंद्रों व पासपोर्ट के लिए बायोमीट्रिक का प्रयोग हो रहा है। खाद्य आपूर्ति विभाग कोरोना के प्रति अब तक भी लापरवाह बना हुआ है। राशन की दुकानों में बायोमीट्रिक से पंचिंग कर उपभोक्ताओं को राशन दिया जा रहा है। जबकि सभी सरकारी और निजी संस्थानों में बायोमिट्रिक पर पूरी तरह रोक है।
प्रदेश सरकार की ओर से कोरोना के तहत एडवाइजरी जारी करने के बाद भी विभाग की ओर से अभी तक बायोमिट्रिक सिस्टम से राशन बांटने पर रोक नहीं लगाई है। जिलापूर्ति विभाग भी मुख्यालय के आदेशों का इंतजार कर रहा है। ऐसे में प्रदेश में कोरोना के प्रति बरती जा रही संवेदनशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी जेएस कंडारी ने बताया कि अभी तक मुख्यालय की ओर से ऐसे कोई आदेश नहीं मिले हैं। आदेश जारी होते ही इस पर रोक लगाई जाएगी।
आधार केंद्रों में बायोमीट्रिक पर रोक नहीं
कोरोना वायरस फैलने के लिहाज से बायोमीट्रिक को बेहद संवेदनशील माना जाता है। इसके बावजूद शहर के आधार केंद्रों में बायोमीट्रिक पर रोक नहीं लगाई गई है। इसे आमजन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कहा जा सकता है। हालांकि, आधार केंद्र संचालक यूनिक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) द्वारा कोई गाइडलाइन जारी न होने का हवाला दे रहे हैं।
पोस्ट ऑफिस और बैकों में स्थित आधार केंद्रों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए स्वच्छता संबंधी सुझाव दिए गए हैं। इसमें सेनिटाइजर का प्रयोग करने व भीड़ वाले स्थानों से बचने की अपील की गई। इसके इतर आधार कार्ड बनाने व करेक्शन कराने वाले लोगों से बायोमीट्रिक लगातार लिए जा रहे हैं। बायोमीट्रिक लिए जाना आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कहा जा सकता है।
इस पर असिस्टेंट पोस्ट मास्टर जनरल अनसूया प्रसाद चमोला ने कहा कि यूआईडीएआई ने स्वच्छता संबंधी कई गाइडलाइन जारी की गई हैं, जिन्हें केंद्रों में लागू किया गया है। अभी तक बायोमीट्रिक के संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं हुए हैं।
फिर भी हो रही पासपोर्ट की बायोमीट्रिक जांच
कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका के बीच पासपोर्ट बनाने के लिए बायोमीट्रिक जांच अब तक भी बदस्तूर जारी है। पासपोर्ट सेवा केंद्र पर पूर्व की भांति आम दिनों की तरह ही बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाकर सत्यापन किया जा रहा है।
कोरोना की आशंका के चलते जहां एक तरफ सरकार ने एहतियातन स्कूल-कॉलेज 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं। विभिन्न सरकारी और निजी दफ्तरों में बायोमीट्रिक मशीन में अंगुलियों से पंचिंग पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई है। वहीं, पासपोर्ट सेवा केंद्रों (पीएसके) पर पासपोर्ट आवेदकों की बायोमीट्रिक जांच अब भी चल रही है। देहरादून के हाथीबड़कला स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र समेत प्रदेश में स्थापित अन्य पीएसके पर भी बायोमीट्रिक जांच की जा रही है।
डॉक्टरों के मुताबिक, यह कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जोखिम भरा हो सकता है। उधर, उत्तराखंड के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ऋषि अंगरा ने बताया कि देहरादून स्थित पीएसके में बायोमीट्रिक जांच के लिए अन्य दिनों की तरह आजकल भी रोजाना 450 आवेदकों को आनलाइन अप्वाइंटमेंट दिए जा रहे हैं। लगभग सभी आवेदक बायोमीट्रिक जांच के लिए पहुंच रहे हैं।
कोरोना संक्रमण बचाव के लिए सेनिटाइजर और मास्क आदि का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बारे में नई दिल्ली मुख्यालय से जो भी निर्देश मिलेंगे, उनका पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
बायोमीट्रिक मशीन से अंगुलियों से हाजिरी या सत्यापन कोरोना को लेकर जोखिम भरा है। अगर किसी संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाए हुए या खांसते हुए फिंगर प्रिंट करता है और फिर दूसरा स्वस्थ्य व्यक्ति भी इस पर कुछ देर बाद फिंगर प्रिंट देता है तो उसमें संक्रमण का खतरा रहता है।
-डॉ. कुमार जी कौल, वरिष्ठ फिजिशियन, राजकीय दून मेडिकल अस्पताल