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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Coronavirus Covid 19 pandemic in Uttarakhand update 19 June : 220 new positive and 5 death today

उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 220 नए संक्रमित मिले, 5 की मौत, 217 मरीज हुए ठीक 

Sat, 19 Jun 2021 07:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 19 Jun 2021 07:58 PM IST
सार

प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल मामलों की संख्या तीन लाख 38 हजार 508 हो गई है।

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Coronavirus Covid 19 pandemic in Uttarakhand update 19 June : 220 new positive and 5 death today
217 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया - फोटो : Pixabay

विस्तार

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले और मरीजों की मौत कम हो रही हैं। बीते 24 घंटे में 220 नए संक्रमित मिले हैं और पांच मरीजों की मौत हुई है। जबकि संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वाले कम है। कुल संक्रमितों की संख्या 338508 हो गई है। 

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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शनिवार को 25031 सैंपल जांच में निगेटिव पाए गए। जबकि पूरे प्रदेश में 220 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। देहरादून जिले में 94, अल्मोड़ा में 24, टिहरी में 21, हरिद्वार में 20, नैनीताल में 17, ऊधमसिंह नगर में 14, पौड़ी में नौ, उत्तरकाशी में आठ, रुद्रप्रयाग में सात, चंपावत में तीन, बागेश्वर, चमोली व पिथौरागढ़ जिले में एक-एक संक्रमित मिला है। 
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प्रदेश में 24 घंटे में पांच मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। जबकि देहरादून, हरिद्वार व टिहरी जिले में चार कोरोना मरीजों की मौतें बैकलॉग की हैं। अब तक प्रदेश में 7026 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, 217 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिला कर अब तक 322475 मरीज संक्रमण को मात दे चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश कोरोना मृत्यु दर 2.8 प्रतिशत, रिकवरी दर 95.26 प्रतिशत और संक्रमण दर 6.42 प्रतिशत दर्ज की गई। 3220 सक्रिय मरीजों का उपचार चल रहा है। 

ब्लैक फंगस के 13 नए मरीज, तीन की मौत
प्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को 13 नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। जबकि तीन मरीजों ने इलाज के दौरान दमतोड़ा है। कुल मरीजों की संख्या 446 हो गई है। मौत का आंकड़ा 76 पहुंच गया है। 

स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार शनिवार को देहरादून जिले में ब्लैक फंगस के 13 नए मामले मिले हैं और तीन मरीजों की मौत हुई है। एम्स ऋषिकेश में 11, हिमालयन हास्पिटल जौलीग्रांट में दो नए मरीज भर्ती किए गए। एम्स ऋषिकेश में तीन मरीजों ने दमतोड़ा है। जबकि चार मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है।

प्रदेश में कुल मरीजों की संख्या 446 हो गई है। वहीं, अब तक 76 मरीजों की मौत हो चुकी है। कुल 62 मरीज ठीक हुए हैं। कोरोना संक्रमित मामले और मौतें लगातार घटने से जहां स्वास्थ्य विभाग को थोड़ी राहत है। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों ने विभाग की चुनौती बढ़ा दी है।

केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के लिए स्वीकृत किए 25 ऑक्सीजन प्लांट 

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले प्रदेश में नौ ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड के लिए 25 ऑक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही संक्रमण से बचाव के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड के अलावा बच्चों के लिए अलग से आईसीयू व्यवस्था की जाएगी। 

शनिवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डा. तृप्ति बहुगुणा ने कोरोना की तीसरी लहर से पहले स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजाम करने के लिए सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों, प्रमुख अधीक्षकों और प्रभारी चिकित्साधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक की।

महानिदेशक ने कहा कि तीसरी लहर से पहले जिला अस्पताल अल्मोड़ा, चमोली, रुद्रप्रयाग, रुद्रपुर, उप जिला चिकित्सालय रानीखेत, खटीमा, एम्स ऋषिकेश और राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी समेत एक अन्य अस्पताल में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। वर्तमान में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ऑक्सीजन सिलिंडर, कंसनट्रेटर, रैपिड एंटीजन टेस्ट किट व होम आइसोलेशन किट उपलब्ध है। जिन जनपदों में चिकित्सा सामग्री की कमी है। वे तत्काल मांग स्वास्थ्य महानिदेशालय को भेजें। 

उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए शीघ्र सूचना एकत्रित कर मुख्यालय को भेजी जाए। ब्लॉक स्तर पर बनाए गए कोविड कंट्रोल रूम का संचालन प्रभावी स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर मिल रही शिकायतों का भी समय से निस्तारण करें। 

एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए प्रदेश में चौथा सीरो सर्वे शुरू
कोरोना संक्रमण के बाद लोगों के शरीर में एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए उत्तराखंड में चौथा सीरो सर्वे शुरू किया गया। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशानिर्देश के अनुसार जालमा इंस्टीट्यूट आगरा के माध्यम से पौड़ी जिले के 10 गांवों में सर्वे किया जा रहा है। सीरो सर्वे से यह पता लग सकेगा कि लोगों के शरीर में एंटीबॉडी कितनी है।

इस बार 6 से 9 साल तक के बच्चों के भी एंटीबॉडी जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। गांवों में लोगों के एंटीबॉडी जांच के लिए ब्लड सैंपल एकत्रित किए जा रहे हैं। सीरो सर्वे में सैंपल देने वाले व्यक्ति का कोरोना संक्रमण से ठीक होना जरूरी नहीं है। जो व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं हुआ है। उसका भी सैंपल लिया जाएगा। साथ ही इस बार बच्चों के शरीर में एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए सीरो सैंपलिंग की जा रही है। 

जालमा इंस्टीट्यूट आगरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक अभि कुमार बंसल ने बताया कि आईसीएमआर के दिशानिर्देश पर पौड़ी जिले में चौथा सीरो सर्वे किया जा रहा है। प्रत्येक गांव से 40 सैंपल लिए जाएंगे। जिसमें 6 से 9 आयु वर्ग में चार, 10 से 17 आयु वर्ग में आठ और 18 से अधिक आयु वर्ग में 28 सैंपल एकत्रित किए जा रहे हैं। 10 गांवों से 400 सैंपल एकत्रित कर एंटीबॉडी की जांच की जाएगी। वहीं 100 सैंपल स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए जाएंगे।

हरिद्वार : अब युवाओं को बिना स्लॉट बुकिंग भी लगेगी वैक्सीन

अब युवाओं को बिना स्लॉट बुकिंग के भी टीका लगाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। एक-दो दिन कलस्टर के हिसाब से बिना स्लॉट के सेंटर बनाए जाएंगे। 

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से लड़ने के लिए प्रशासन की ओर से अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के चलते 45 वर्ष से ऊपर वालों को बिना स्लॉट बुकिंग के भी टीकाकरण शुरू कर दिया गया था।

सेंटर पर ही आने वाले लोगों के पंजीकरण कराकर टीकाकरण किया जा रहा है, लेकिन अब युवाओं को भी बिना स्लॉट बुकिंग के वैक्सीनेशन की तैयारी की जा रही है। हालांकि, पहले चरण में कुछ क्षेत्रों में ही 18 से 44 वर्ष वालों को बिना स्लॉट के कलस्टर में सेंटर खोले जाएंगे। हालांकि, इस दौरान स्लॉट बुकिंग करके भी वैक्सीनेशन चलता रहेगा। 

सीएमओ डॉ. एसके झा ने बताया कि वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए बिना स्लॉट बुकिंग के भी सोमवार या मंगलवार से सेंटर बनवाने शुरू कर दिए जाएंगे। ये सेंटर उन क्षेत्रों में बनाए जाएंगे, जहां युवाओं में कम मात्रा में वैक्सीनेशन हुआ है।

टीका लग गया, लेकिन नहीं मिल रहा पोर्टल पर प्रमाणपत्र
पहले तो कोरोना का टीका लगाने के लिए स्लॉट बुक करने में लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब किसी तरह टीका लग भी गया तो कई लोगों को पोर्टल पर प्रमाणपत्र नहीं उपलब्ध हो पा रहे हैं।

कुछ लोग तो दोबारा पोर्टल पर बिना टीका लगाए पंजीकरण कराने का अधिकारियों से अनुरोध कर रहे हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके पांडे ने बताया कि इस तरह के कुछ मामले सामने आए हैं। पोर्टल के संबंधित तकनीकी स्टाफ से बात कर कमी को दूर किया जाएगा। साथ ही उन्होंने लोगों से टीका लगाते समय टीकाकरण अधिकारियों द्वारा बताए जा रहे दिशा निर्देशों का पालन करने का आह्वान किया है।

टीका लग गया, अब आ रहा मैसेज
टीकाकरण में ऐसे मामले भी सामने आ रहे हैं, जिन लोगों को टीका पहले ही लग चुका है। उनको अब मैसेज आ रहे हैं। इसमें टीकाकरण में निश्चित तारीख को पहुंचने के लिए विवरण हैं। ऐसे में टीका लगाने वाले असमंजस में हैं। 

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