कोरोनावायरस: उद्योगों में दिखने लगा असर, उत्तराखंड में बिगड़ सकते हैं हालात
- फार्मा उद्योग और ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री पर पड़ रहा असर
- दिल्ली में दस्तक के बाद श्रमिकों का भी संकट बढ़ने के आसार
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कोरोनावायरस को लेकर विश्वभर में मचे कोहराम के बाद उत्तराखंड में इसका असर देखने को मिलने लगा है। इंडस्ट्री सेक्टर में कोरोना का असर दिखना शुरू हो गया है। खासकर फार्मा उद्योग और ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री में असर ज्यादा है। आने वाले समय में हालात गहरा सकते हैं और श्रमिकों का भी संकट हो सकता है।
इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि कोरोना का असर सबसे ज्यादा इंडस्ट्री सेक्टर पर पड़ेगा। खासकर फार्मा उद्योग ज्यादा प्रभावित होगा। दरअसल फार्मा उद्योग का कच्चा माल सबसे ज्यादा चीन से आता है।
तीन माह से चीन से कच्चे माल की आपूर्ति ठप है। उद्योग के पास जो स्टॉक था, वह खत्म होने की कगार पर है। कच्चा माल न आने के कारण बाजार में उपलब्ध कच्चे माल के दाम आसमान छूने लगे हैं। ऐसे में संकट लाजमी है।
छोटी-छोटी इंडस्ट्री ठप हो सकती हैं
इसके अलावा भारत में कोरोनावायरस का मामला दिल्ली में सामने आ चुका है। ऐसे में अब उद्योगों में लेबर संकट भी खड़ा हो सकता है। छोटी-छोटी इंडस्ट्री ठप हो सकती हैं। ऑटो उद्योग पर भी असर पड़ेगा। ओबराय शोरूम के मालिक राकेश ओबराय ने कहा कि फिलहाल तो ऑटो इंडस्ट्री पर असर कम है। क्योंकि अभी बीएस-4 के वाहन भी चल रहे हैं, लेकिन अब बीएस-6 वाहनों का पंजीकरण शुरू हो चुका है।
वाहनों के अधिकतर पार्ट विदेशों से आते हैं। लिहाजा अप्रैल के बाद इसका असर देखने को मिल सकता है। फिलहाल कुछ स्टॉक कंपनियों के पास है, इसलिए काम चल रहा है। ‘किया’ शोरूम के मैनेजर अरविंद शर्मा ने बताया कि गाड़ियों के व्हील कवर, लोगो, हैंडल आदि पार्ट चीन से आते हैं। कोरोना संकट को देखते हुए कारोबार प्रभावित हुआ है, लेकिन कंपनी की ओर से लोक ल वेंडर तलाशने की कार्रवाई चल रही है।