कोरोना की तीसरी लहरः डॉक्टरों की चेतावनी, हवा में नमी कम होते ही तेज हो सकता है संक्रमण
वर्तमान में वायु में आर्द्रता बढ़ने के साथ वायरस का बाहरी आवरण कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में ऐरोसाल या वायुकणों पर आधारित संक्रमण में कमी आना तय है। लेकिन मानसून से बड़ी नमी का यह लाभ तभी तक है, जबतक भीड़भाड़ कम है।
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‘बरसात के मौमस में आर्द्रता ने कोरोना वायरस को कमजोर किया है। फिर भी खतरा टला नहीं है। संक्रमण की रफ्तार हवा में नमी कम होते ही तेज हो सकती है। ऐसे में अभी से एहतियाती उपाय नहीं अपनाए गए तो हालात चिंताजनक हो सकते हैं।’
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यह कहना है देहरादून जिला कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. एनएस बिष्ट का, जो बचाव के लिए सोशल डिस्टेसिंग को पहला हथियार बताते हुए टीकाकरण पर जोर दे रहे हैं।
उनका मानना है कि वायरस के म्यूटेशन के साथ हवा में नमी संक्रमण का खतरा बढ़ाती है। वर्तमान में वायु में आर्द्रता बढ़ने के साथ वायरस का बाहरी आवरण कमजोर पड़ जाता है। ऐसे में ऐरोसाल या वायुकणों पर आधारित संक्रमण में कमी आना तय है। लेकिन मानसून से बड़ी नमी का यह लाभ तभी तक है, जबतक भीड़-भाड़ कम है।
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जैसे ही जनसंख्या घनत्व बढ़ता है वैसे ही बलगम की बूंदों पर अधारित संक्रमण में तेजी आने लगती है। ये बूंदे हवा में बढ़ी नमी की वजह से ज्यादा देर तक टिकती हैं। मानसून के धीमा पड़ते ही जब हवा सूखी और ठंडी होगी तो वायुकणों से होने वाले संक्रमण की दर बढ़ जाएगी। उसके ऊपर यदि नए प्रकार का वायरस भी पनपता है तो तीसरी लहर आने में देर नहीं लगेगी।
संक्रमण बढ़ने के कारण
हवा की नमी: आर्द्रता कम होते ही तेज हो सकता है संक्रमण।
म्यूटेशन : वायरस की प्रकृति हर तीन महीने में बदल रही है।
भीड़ : दो हाथ से कम दूरी पर संक्रमित कर सकता है वायरस
एहतियात जो बरतनी चाहिए
सोशल डिस्टेसिंग : हर हाल में हर शख्स कम से कम दो हाथ की दूरी बरते।
कोविड जांच : जरा का शक होने पर आरटीपीसीआर जांच जरूर कराएं।
टीकाकरण : स्वस्थ होने के बाद भी संक्रमित और अन्य सभी टीका जरूर लगवाएं।
चिंताजनक हालात
-5.5 प्रतिशत लोगों को ही लग पाई है टीके की दोनों खुराक
-23 फीसदी लोगों को ही लगाया जा सका है पहला टीका
-28.5 प्रतिशत लोग ही टीकाकरण के दायरे में आए हैं अबतक
ये बन सकते हैं संक्रमण का केंद्र
अस्पताल, मॉल, सामाजिक समारोह, घनी बस्तियां ऐसी जगह हैं जो संक्रमण के केंद्र बन कर उभर सकते हैं।
टीकाकरण में मिलनी चाहिए वरीयता
ठेले वाले, दुकानदार, दूधवाले, आटो और टैक्सी ड्राइवर, होटल व रेस्टोरेंट के कर्मचारी, बैंक, सचिवालयकर्मी और खाना व सामान की डिलीवरी करने वाले लोगों को टीकाकरण में वरीयता दी जानी चाहिए।
उत्तराखंड में मंगलवार को मिले 44 नए संक्रमित
उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 44 संक्रमित मिले हैं। वहीं बीते 24 घंटे में एक भी मरीज की मौत नहीं हुई है। 144 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 819 पहुंच गई है।
स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार, मंगलवार को 24576 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। अल्मोड़ा में आठ, चंपावत में दो, देहरादून में 11, हरिद्वार में आठ, नैनीताल में पांच, पौड़ी में दो, पिथौरागढ़ में एक, ऊधमसिंह नगर में चार और उत्तरकाशी में तीन मामले सामने आए।
प्रदेश में कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 3,41,274 हो गई है। इनमें से 3,27,112 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक 7,351 लोगों की मौत हो चुकी है।