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Uttarakhand: कोरोना की दूसरी लहर रोकने के लिए और इंतजाम की दरकार, बढ़ने लगीं बंदिशें

Sun, 04 Apr 2021 09:52 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sun, 04 Apr 2021 09:52 AM IST
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corona in uttarakhand news : More arrangements are needed to stop second wave of Corona in state
कोरोना का सैंपल लेती टीम - फोटो : अमर उजाला

राज्य में कोरोना के इलाज के लिए एक साल में जिला स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार हुआ है, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर रोकने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को और इंतजाम की दरकार है। वर्तमान में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए 38 डेडीकेटेड कोविड अस्पताल और 415 कोविड केयर सेंटर स्थापित हैं। 

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प्रदेश में पिछले साल 15 मार्च को पहला कोरोना संक्रमित मामला मिला था। उस समय में कोरोना इलाज और जांच के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को काफी अभाव था। यहां तक जिला अस्पतालों में आईसीयू, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर की सुविधा नहीं थी, लेकिन सरकार ने कोरोना संक्रमण रोकने को धन की कमी नहीं रखी और स्वास्थ्य सुविधाओं को इंतजाम किया।
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अब कोरोना की दूसरी लहर रोकने के लिए प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में आईसीयू बेड, ऑक्सीजन बेड, आईसोलेशन बेड और वेंटिलेटर की सुविधा है लेकिन जिस तेजी के साथ कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। उसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं के लिए और इंतजाम करने की जरूरत है। 

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं का पर्याप्त इंतजाम है। जरूरत पड़ने व्यवस्थाओं को बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में प्रतिदिन मिल रहे संक्रमित मामलों की तुलना में कोरोना मरीजों के इलाज के लिए काफी व्यवस्थाएं है। 
- डॉ. पंकज कुमार पांडेय, प्रभारी सचिव स्वास्थ्य

कोविड जांच के लिए बढ़ानी होंगी लैब

कोरोना काल के एक साल में सरकार ने कोविड की आरटीपीसीआर जांच के लिए आठ सरकारी लैब स्थापित की है। इससे पहले प्रदेश में एक भी लैब नहीं थी। कोरोना संक्रमण बढ़ने से सरकार को सैंपलिंग बढ़ाने के लिए पहाड़ों में भी लैब बढ़ानी होनी होगी। अभी तक पर्वतीय क्षेत्रों में जिला स्तर पर आरटीपीसीआर सैंपल जांच की सुविधा नहीं है। 
 
स्वास्थ्य सुविधा      -       संख्या 
आईसोलेशन बेड     -       31505
ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड   -  3535
आईसीयू बेड       -          836
वेंटिलेटर  -         695
ऑक्सीजन सिलिंडर   -       9917
ऑक्सीजन कॉनसेंट्रेटर     -  1275
एंबुलेंस            -            364

कोरोना को काबू करने के लिए बढ़ने लगीं बंदिशें

प्रदेश में कोरोना को काबू करने के लिए फिर से बंदिशें भी बढ़ने लगी हैं। एक सप्ताह के भीतर देहरादून और हरिद्वार जिले में नौ कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। सरकार की ओर से सभी जिलों को कोविड नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं, शासन ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सूक्ष्म कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर दिया है। 

प्रदेश में 20 मार्च के बाद कोरोना संक्रमण में तेजी आई है। अब रोजाना तीन से चार सौ से अधिक संक्रमित मामले सामने आ रहे हैं। कोरोना काबू करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने फिर से कंटेनमेंट जोन बनाने पर जोर दिया हैं।

27 मार्च को देहरादून जिले के मसूरी में एक कंटेनमेंट जोन बनाया गया था, लेकिन लगातार बढ़ रहे संक्रमितों की संख्या को देखते हुए देहरादून जिले में आठ कंटेनमेंट जोन बनाए गए। जबकि हरिद्वार जिले में एक कंटेनमेंट जोन बनाया गया है। कंटेनमेंट जोन में आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर बाकी सभी तरह की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। 

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