CoronaVirus in Uttarakhand: खटीमा में आज से दो दिनों के लिए पूर्ण लॉकडाउन, चार जिलों में बंदी नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा ब्लॉक में कोविड-19 के बढ़ते केसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो दिन (आठ और नौ अगस्त) तक पूर्ण रूप से लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया है।
Corona in Uttarakhand: शुक्रवार को 278 नए संक्रमित मिले, 10 की मौत, मरीजों की संख्या 8900 पार
खटीमा को छोड़कर जिले के अन्य हिस्से लॉकडाउन से मुक्त रहेंगे। डीएम रंजना राजगुरु ने बताया कि खटीमा में कोरोना संक्रमण के बढ़ते केसों को देखते हुए एसडीएम ने दो दिन के लॉकडाउन की संस्तुति की थी।
स्थानीय लोगों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी एहतियातन इस बाबत अनुरोध किया था। इसके चलते खटीमा तहसील क्षेत्र में आठ अगस्त शनिवार और नौ अगस्त रविवार को पूरी तरीके से लॉकडाउन रहेगा। जिले के अन्य तहसील क्षेत्रों में लॉकडाउन नहीं रहेगा। उन्होंने लोगों से सामाजिक दूरी का पालन करने और मास्क पहनने की अपील की है।
प्रदेश के चार जिलों में शनिवार और रविवार को लॉकडाउन नहीं
प्रदेश के चार जिलों में शनिवार और रविवार को लॉकडाउन नहीं रहेगा। जिलाधिकारी जरूर अपने स्तर पर अलग से व्यवस्था कर सकते हैं। अनलॉक-2 के तहत पूर्व की एसओपी में देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिले में हर सप्ताह शनिवार और रविवार के लॉकडाउन का आदेश जारी किया गया था।
इसके बाद रक्षाबंधन को देखते हुए इसमें रियायत दी गई। माना गया था कि इसके बाद सप्ताह की दो दिन की यह बंदी फिर लागू होगी। अनलॉक-3 के तहत जारी एसओपी में सरकार की ओर से इसका कोई जिक्र ही नहीं किया गया।
आपदा प्रबंधन के एक अधिकारी के मुताबिक अनलॉक-3 की एसओपी में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि यह पहले की एसओपी की जगह पर प्रभावी मानी जाएगी। आपदा प्रबंधन के प्रभारी सचिव एस मुरुगेशन ने भी इसकी पुष्टि की। सचिव के मुताबिक दो दिन की साप्ताहिक बंदी का आदेश अब प्रभावी नहीं है। इसको प्रभावी करने के लिए अलग से आदेश जारी करना होगा।
फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। शासन के मुताबिक जिलों में जिलाधिकारी संक्रमण को रोकने के लिए अलग से आदेश जारी कर सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में भी स्पष्ट है कि प्रतिबंध और सख्त तो किए जा सकते हैं, लेकिन उनमें अलग से रियायत नहीं दी जा सकती।