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Corbett National Park: रामनगर के ढेला में नहीं बनेगी टाइगर सफारी, SC ने नए निर्माण कार्यों पर लगाई रोक

Wed, 08 Feb 2023 10:25 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रामनगर (नैनीताल)
संवाद न्यूज एजेंसी, रामनगर (नैनीताल) Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 08 Feb 2023 10:25 PM IST
सार

टाइगर सफारी को लेकर हुई जांच में साफ हुआ कि कॉर्बेट पार्क क्षेत्र में अवैध रूप से निर्माण कार्य हुआ और पेड़ों का कटान किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट ने कॉर्बेट में किसी भी नए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।

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Corbett National Park: Tiger Safari will not be built in Ramnagar Dhela range after Supreme Court Decision
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट के कॉर्बेट पार्क क्षेत्र में होने वाले नए निर्माण कार्यों पर रोक के फैसले के बाद ढेला में प्रस्तावित टाइगर सफारी अब नहीं बनेगी। कालागढ़ टाइगर रिजर्व पार्क के पाखरो टाइगर सफारी प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट की सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीआईसी) ने की थी। टाइगर सफारी को लेकर हुई जांच में साफ हुआ कि अवैध रूप से निर्माण कार्य हुआ और पेड़ों का कटान किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट ने कॉर्बेट में किसी भी नए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है।

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चूंकि पाखरो के अलावा ढेला में भी टाइगर सफारी बननी थी। लेकिन कोर्ट के निर्णय के बाद ढेला में बनने वाली टाइगर सफारी पर भी स्वयं ही रोक लग गई है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक दिगांथ नायक ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने टाइगर सफारी, जू आदि निर्माण कार्यों पर रोक लगाई है। अभी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पूर्ण जानकारी नहीं है। आदेश की कॉपी मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
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प्रकृति स्वयं ही पुनर्स्थापित कर लेगी
पर्यावरणविदों का कहना है कि पाखरों में काटे गए हजारों पेड़ों से पर्यावरण को नुकसान हुआ है। पर्यावरणविद अनिल जोशी ने बताया कि प्रकृति को उसके हाल पर छोड़ देना चाहिए। प्रकृति स्वयं को पुनर्स्थापित कर लेगी। जिन स्थानों पर पेड़ों का काटा गया है वहां पर आने वाले समय में पेड़ स्वयं उग जाएंगे। उन्होंने कहा कि पेड़ों के कटान से प्रकृति को नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करना मुश्किल है। इस प्रकरण से कॉर्बेट की छवि पर असर पड़ा है।

पाखरो का यह था पूरा मामला
जुलाई 2021 में कोटद्वार से करीब 30 किमी दूर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क के केटीआर वन प्रभाग की पाखरो रेंज में प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट टाइगर सफारी का निर्माण हो रहा था। कॉर्बेट के कालागढ़ टाइगर रिजर्व के पाखरो में बिना अनुमति 12 पुलों का निर्माण कराया गया, वहीं कई पेड़ों का कटान भी किया गया। इसकी शिकायत कालागढ़ के एक अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में की थी। टाइगर सफारी के निर्माण के लिए अनुमति से अधिक संख्या में पेड़ काटे जाने और पुलों का निर्माण करने की शिकायत की जांच के लिए एनटीसीए की तीन सदस्यीय टीम ने 28 सितंबर को रामनगर, कालागढ़ होते हुए पाखरो और मोरघट्टी का निरीक्षण किया था। नवंबर 2021 को वन विभाग ने लाव-लश्कर और जेसीबी के साथ केटीआर के मोरघट्टी वन विश्राम गृह परिसर में निर्माणाधीन चार आवासीय भवनों को ध्वस्त कर दिया।

छह हजार से ज्यादा काटे गए थे पेड़, पूर्व डीएफओ किशन चंद्र और रेंजर भेजे गए जेल
कार्बेट पार्क की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी के लिए छह हजार से अधिक पेड़ बिना इजाजत काटने के साथ ही निर्माण कार्य हुए थे। फॉरेस्ट सर्वे आफ इंडिया (एफएसआई) की रिपोर्ट में स्थिति साफ हुई। रिपोर्ट में कार्बेट पार्क की पाखरो रेंज में टाइगर सफारी की योजना के नाम पर गबन का मामला सामने आया। मामले की जांच हल्द्वानी सेक्टर की विजिलेंस को दी थी। पाखरो के निलंबित रेंजर बृजबिहारी शर्मा और पूर्व डीएफओ किशन चंद को विजिलेंस की टीम ने पर्याप्त सबूत के आधार पर गिरफ्तार किया और दोनों को जेल भेजा गया। इस मामले में अब भी विजिलेंस की टीम की जांच कर रही है।

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