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Dehradun News: कर्मचारियों के पीएफ के 15 लाख दबाने वाला ठेकेदार गिरफ्तार
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कर्मचारियों के ईपीएफ के 15 लाख रुपये गबन करने के आरोप में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के एक ठेकेदार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ठेकेदार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आरोपी को न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि सुरेश कुमार निवासी भराड ने 20 दिसंबर 2021 को ऋतुराज चतुर्वेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। ऋतुराज यूपीसीएल में रजिस्टर्ड ठेकेदार था। शिकायत के अनुसार ऋतुराज की कंपनी मैसर्स शर्मा इंजीनियरिंग के जरिए सुरेश कुमार, सुरेश चौहान, अजय कुमार, गुदादास, मूरत सिंह नेगी, हृदय सिंह चौहान, महेंद्र सिंह वर्मा और महेंद्र सिंह राय यूपीसीएल में लगे थे। यहां उन्होंने मार्च 2018 से सितंबर 2020 तक काम किया। आरोप है कि प्रत्येक कर्मचारी के ईपीएफ और ईएसआई के 1.08 लाख रुपये ऋतुराज ने दबा लिए थे। सभी कर्मचारियों की यह रकम करीब 15 लाख रुपये बनी थी।
इधर केस दर्ज होते ही ऋतुराज फरार हो गया था। पुलिस ने उस पर पहले एक हजार रुपये इनाम घोषित किया, लेकिन जब उसका कुछ पता नहीं चला तो इनाम की राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी। एसओ प्रेमनगर पीडी भट्ट ने टीम गठित करते हुए ऋतुराज की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस को उसके मालवीय नगर दिल्ली में होने का पता चला, जहां से उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि सुरेश कुमार निवासी भराड ने 20 दिसंबर 2021 को ऋतुराज चतुर्वेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। ऋतुराज यूपीसीएल में रजिस्टर्ड ठेकेदार था। शिकायत के अनुसार ऋतुराज की कंपनी मैसर्स शर्मा इंजीनियरिंग के जरिए सुरेश कुमार, सुरेश चौहान, अजय कुमार, गुदादास, मूरत सिंह नेगी, हृदय सिंह चौहान, महेंद्र सिंह वर्मा और महेंद्र सिंह राय यूपीसीएल में लगे थे। यहां उन्होंने मार्च 2018 से सितंबर 2020 तक काम किया। आरोप है कि प्रत्येक कर्मचारी के ईपीएफ और ईएसआई के 1.08 लाख रुपये ऋतुराज ने दबा लिए थे। सभी कर्मचारियों की यह रकम करीब 15 लाख रुपये बनी थी।
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इधर केस दर्ज होते ही ऋतुराज फरार हो गया था। पुलिस ने उस पर पहले एक हजार रुपये इनाम घोषित किया, लेकिन जब उसका कुछ पता नहीं चला तो इनाम की राशि बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी। एसओ प्रेमनगर पीडी भट्ट ने टीम गठित करते हुए ऋतुराज की तलाश शुरू कर दी। इस दौरान पुलिस को उसके मालवीय नगर दिल्ली में होने का पता चला, जहां से उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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