खुशखबर: सरकारी अस्पतालों में संविदा पर तैनात एलोपैथिक चिकित्सकों का मानदेय बढ़ा
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प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में संविदा पर तैनात एलोपैथिक चिकित्सकों के मानदेय में बढ़ोत्तरी कर दी है। अब संविदा पर तैनात चिकित्सकों को भी नियमित चिकित्सकों को प्रथम नियुक्ति पर दिए जाने वाले वेतन के बराबर प्रति माह मानदेय मिलेगा। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू होंगे।
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी को देखते हुए सरकार ने संविदा पर चिकित्सकों की नियुक्ति की है। इन चिकित्सकों को दुर्गम, अति दुर्गम व सुगम क्षेत्रों में सेवाएं देने पर 48 से 56 हजार के बीच प्रति माह मानदेय मिलता है।
लेकिन इस मानदेय पर काम करने के लिए चिकित्सक नहीं मिल रहे हैं, वर्तमान में करीब 450 चिकित्सक अनुबंध व संविदा के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं।
सचिव स्वास्थ्य नितेश झा की ओर से जारी आदेश के अनुसार मंगलवार को वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से तैनात चिकित्सक (जो राजकीय व केंद्रीय सेवा में न रहे हों) उन्हें नियमित एमबीबीएस, पीजी डिप्लोमा धारक और विशेषज्ञों को प्रथम नियुक्ति पर मिलने वाले वेतन के समान प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा।
इसमें भत्ते व अन्य लाभ शामिल नहीं होंगे। इसी तरह प्रांतीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग (पीएमएचएस) व केंद्रीय सेवा से सेवानिवृत्त चिकित्सकों को अंतिम वेतन से ग्रेच्युटी घटा कर मानदेय दिया जाएगा।