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कांस्टेबल की बोलेरो हुई चोरी, पुलिस ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट तो कोतवाली में उठाया घातक कदम

Tue, 16 Apr 2019 02:44 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 16 Apr 2019 02:44 PM IST
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Constable's bolero stolen police did not register report he eat poison
प्रतीकात्मक तस्वीर

अपनी बोलेरो कथित रूप से चोरी होने और रिपोर्ट दर्ज न होने पर अपने ही विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए एक कांस्टेबल ने सोमवार को मल्लीताल कोतवाली के ऊपर बने बैरक में जहर गटक लिया।

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जहर खाने से पहले उसने सोशल मीडिया पर पत्र, फोटो और वीडियो भी शेयर किए। हालत बिगड़ने पर पुलिसकर्मी उसे बीडी पांडे अस्पताल ले गए, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। कांस्टेबल किच्छा क्षेत्र में तैनात है। इधर, पुलिस ने देर रात कार विक्रेता मोहन सिंह के खिलाफ बोलेरो चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

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बैरक में जहर गटक लिया

जानकारी के अनुसार नैनीताल कोतवाली में तैनाती के दौरान कांस्टेबल ने 2012 में मोहन सिंह से बोलेरो खरीदी थी, लेकिन बोलेरो उनके नाम पर दर्ज नहीं हो पाई थी। किस्त जमा न होने पर दोनों में विवाद चल रहा है। कांस्टेबल को इसी सिलसिले में सोमवार को डीआईजी ने बुलाया था।

डीआईजी कार्यालय से वह मल्लीताल कोतवाली के ऊपर बने बैरक में चला गया। इसी दौरान उसने जहर गटक लिया। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे कांस्टेबल आनंद प्रसाद को जब उसके जहर खाने की बात पता चली तो उसे बीडी पांडे जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

कांस्टेबल की हालत खतरे से बाहर 

उसका उपचार कर रहे डॉ. एमएस दुग्ताल ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल पहले भी दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका है। कोतवाल ध्यान सिंह ने बताया कि कांस्टेबल ने कार विक्रेता के खिलाफ तहरीर दी है। जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

कांस्टेबल ने जहर खाने से पहले सोशल मीडिया पर प्रार्थना पत्र और जहर खाने की फोटो और वीडियो भी शेयर किए। पुलिस उपमहानिरीक्षक के नाम लिखे प्रार्थना पत्र में कहा है कि वह वर्ष 2015 में मल्लीताल कोतवाली में तैनात था। उसी दौरान उसकी बोलेरो कोतवाली परिसर से चोरी हो गई थी, जिसमें उसके सरकारी कागजात और सामान भी था।

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वाहन और सामान के चोरी होने की रिपोर्ट तक पुलिस ने नहीं लिखी

बोलेरो को 20 दिसंबर 2015 को टीपीनगर चौकी पुलिस बरामद कर चुकी है, लेकिन स्वामित्व संबंधी कागजात न होने के कारण वाहन और सामान उन्हें नहीं मिला है। उनके वाहन और सामान के चोरी होने की रिपोर्ट तक पुलिस ने नहीं लिखी है। उसने रिपोर्ट दर्ज करने की गुहार लगाई थी।

कांस्टेबल सिपाही प्रार्थनापत्र लेकर आया था। मैंने वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन किया था। इसके बाद सूचना मिली कि उसने जहर खा लिया है। लगता है कि उसे न्याय नहीं होने का वहम हो गया है, क्योंकि इसके पहले वह कई अधिकारियों के समक्ष पेश हो चुका है। अब सोशल मीडिया पर प्रचार कर गलत कर रहा है। भरोसा रखना होगा कि डीआईजी के समक्ष पेश होने के बाद उसके साथ न्याय ही होगा।
- अजय जोशी, डीआईजी

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