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पर्यावरण संरक्षण के लिए दस लाख पौधे रोपगी कांग्रेस
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 12 Jul 2015 03:08 PM IST
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उत्तराखंड कांग्रेस की योजना अगर सफल हुई तो प्रदेश में करीब दस लाख पौधों का रोपण अकेले कांग्रेस ही इस बरसात में करेगी।
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हरेला कार्यक्रम के तहत कांग्रेस ने अपने प्रत्येक कार्यकर्ता को कम से कम दो पौधे लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इन पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी खुद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निभानी होगी। पौधों केबचने की दर को 60 प्रतिशत भी मान लिया जाए तो कांग्रेस का यह कार्यक्र म एक साल के बाद छह लाख पौधों का जंगल प्रदेश में खड़ा कर रहा होगा।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के मुताबिक हरेला पर्व पर 17 जुलाई को प्रदेश कांग्रेस एक अभियान के तहत पौधारोपण करेगी। इसको बाकायदा मुहिम का नाम दिया गया है ताकि कार्यकर्ता इस काम को गंभीरता से लें। किशोर के मुताबिक प्रत्येक कार्यकर्ता को कम से कम दो पौधे लगाने केलिए कहा गया है।
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ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं को कहा गया है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाले पौधों को ही लगाया जाए। शहरी क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बरसात के मौसम में लगने वाले सिट्रस या फलदार पेड़ों के पौधे लगाने को कहा गया है।
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कांग्रेस के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त्त जोशी के मुताबिक पीसीसी ने इसके लिए सभी जिला कमेटियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। कांग्रेस मुख्यालय में इस मामले को लेकर बैठक भी हुई जिसमें सभी कार्यकर्ताओं को इस मुहिम को गंभीरता से लेने को कहा गया है।
अनुमान है कि 17 जुलाई को कांग्रेस करीब दस लाख पौधों को रोपित करेगी। कार्यकर्ताओं को अधिक पौधे लगाने के लिए इसलिए भी नहीं कहा गया है क्योंकि पौधों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी कार्यकर्ताओं पर है। प्रत्येक कार्यकर्ता को अपने लगाए पौधे की निगरानी भी करनी होगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक स्थानीय पौधों में मृत्यु दर कम है। ऐसे में साठ प्रतिशत पौधे भी बचे रहें तो आने वाले एक साल में कांग्रेस अपने बूते ही प्रदेश में छह लाख पौधों का एक जंगल खड़ा करने में सक्षम होगी।