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कांग्रेस विधायक ने बोला हमला, कहा 'मोदी के खिलाफ बोलने का बदला मेरे भाई से लिया'

Wed, 06 Mar 2019 02:06 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 06 Mar 2019 02:06 PM IST
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congress mla allegation on bjp government uttarakhand scholarship scam
pm modi - फोटो : PTI

रुड़की के मंगलौर से कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने अपने भाई की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि वे राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और मोदी के खिलाफ बोल रहे थे।

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जिसका बदला उनके भाई से लिया गया है। भाजपा यही काम दिल्ली में राबर्ट वाड्रा के साथ कर रही है। जिसके जरिये भाजपा एक मैसेज देना चाहती है कि जो भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ बोलेगा उसके साथ इसी तरह का बर्ताव किया जाएगा। 

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इसलिए अध्ययनरत छात्रों को दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर कराया

उन्होंने कहा कि मुझे या मेरे परिवार को घोटाला करना होता तो 2017 तक कांग्रेस की सरकार के रहते हुए छात्रवृत्ति के नाम पर घोटाले करते रहते। उस समय कॉलेज को बंद करने की जरूरत नहीं थी। कॉलेज में क्वालिटी स्टाफ नहीं आ रहा था, इसलिए उन्होंने अधिकारिक रूप से अध्ययनरत छात्रों को दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर कराया।

मेरे जिन सहयोगियों को फंसाया गया है, वे ऐसे परिवार से हैं, जिनकी मालकियत हजारों करोड़ की है। एक दो करोड़ का आरोप लगाकर मेरे कारण उन्हें भी फंसाया गया। उन्होंने कहा कि मोदी के खिलाफ बोलने का बदला मेरे भाई से लिया गया है जो उचित नहीं है। लेकिन भाजपा का यही तरीका रहा है।

उन्होंने कहा कि पूर्व में तहसीलदार, एएसडीएम, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी जांच की। यदि घोटाला होता तो उन्हें ही सबसे पहले मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने मांग की कि यदि वे दोषी हैं तो पूर्व में जिन अधिकारियों ने इस मामले में जांच की है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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छात्रवृत्ति घोटाले में कांग्रेसी विधायक के भाई समेत तीन गिरफ्तार

एसआईटी ने ढाई करोड़ की छात्रवृत्ति हड़पने के आरोप में टेकवर्ड्स वली ग्रामोद्योग विकास संस्थान मंगलौर के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें आरोपी काजी नूरुद्दीन मंगलौर के कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन का भाई है। वहीं दूसरे आरोपी संजय बंसल देवभूमि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, देहरादून के चेयरमैन भी हैं। छात्रवृत्ति घोटाले में एसआईटी ने 21 दिन में हरिद्वार के तीसरे निजी संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की है।

टीसी मंजूनाथ (प्रभारी, एसआईटी छात्रवृृत्ति घोटाला) ने बताया कि समिति के अध्यक्ष मंगलौर निवासी प्रदीप अग्रवाल, कोषाध्यक्ष काजी नूरुद्दीन निवासी किला मंगलौर और सचिव संजय बंसल निवासी ईसी रोड देहरादून को हिरासत में लिया है। एसआईटी जांच में आया कि टेकवर्ड्स वली ग्रामोद्योग विकास संस्थान ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन मंगलौर द्वारा 2012-13 से 2014-15 तक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के दाखिले दर्शाकर करीब दो करोड़ 54 लाख 10 हजार 440 रुपये की छात्रवृति हड़पी गई है। एसआईटी ने जब कॉलेज का भौतिक सत्यापन किया तो कॉलेज के स्थान पर खंडहर मिला। आरोपियों ने एमबीए, बीबीए, बीसीए, बीएससी, आईटी के कोर्स संचालित करने के लिए वर्ष 2011 में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से आवेदन किया था, लेकिन उन्हें मान्यता नहीं मिली थी। एसआईटी ने मंगलवार को संदिग्ध आरोपियों को रोशनाबाद स्थित कार्यालय बुलाया। घोटाले से संबंधित सवालाें का संतोषजनक जवाब न देने पर एसआईटी ने तीनों पदाधिकारियों को सिडकुल थाने के सुुपुर्द कर दिया। वहीं, इस घोटाले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी और सहायक जिला समाज कल्याण अधिकारी की भूमिका की जांच की जा रही है।

कांग्रेस विधायक संस्था के उपाध्यक्ष

टेकवर्ड्स वली ग्रामोद्योग विकास संस्थान मंगलौर की प्रबंध समिति के पदाधिकारियों में कांग्रेसी विधायक काजी निजामुद्दीन का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। वह संस्था के उपाध्यक्ष बताए जा रहे हैं।

एसआईटी ने तीन पदाधिकारियों की गिरफ्तारी की है। इनमें मंगलौर के विधायक काजी निजामुउद्दीन का भाई और कोषाध्यक्ष काजी नूरुद्दीन के अलावा देवभूमि ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के चेयरमैन संजय बंसल भी शामिल हैं, वे टेकवर्ड्स वली ग्रामोद्योग विकास संस्थान में सचिव हैं।
-अशोक कुमार, पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था

हमारे पिता ने नूरुद्दीन के साथ पार्टनरशिप में वर्ष 2009 में कॉलेज खोला था। खुलने के बाद पार्टनर के साथ अनबन हो गई थी। लिहाजा, हम वर्ष 2010 में इस कॉलेज से अलग हो गए थे। हम इस कॉलेज में पार्टनर नहीं हैं। किसी भी तरह के छात्रवृत्ति घोटाले से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। 
-अमन बंसल, आरोपी संजय बंसल के पुत्र

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