{"_id":"88c1ce13ce94591b5feb803234cedb5d","slug":"congress-meeting-on-parliament-election","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में क्यों हारी कांग्रेस, बताएंगे एंटनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में क्यों हारी कांग्रेस, बताएंगे एंटनी
अनूप वाजपेयी/ अमर उजाल, देहरादून
Updated Sat, 05 Jul 2014 09:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में कांग्रेस पांचों लोकसभा सीटें क्यों हारी इसे लेकर रविवार को समीक्षा बैठक बुलाई गई है। वरिष्ठ नेता एके.एंटनी की अध्यक्षता वाली कमेटी के सामने दिल्ली में होने वाली इस बैठक में उत्तराखंड के नेता अपना-अपना पक्ष रखेंगे।
विज्ञापन
देश के कई राज्यों के साथ उत्तराखंड भी है जहां से कांग्रेस को एक भी लोकसभा सीट नहीं मिली है। उत्तराखंड में कांग्रेस उम्मीदवार एक से पौने तीन लाख मतों के अंतर से चुनाव हारे हैं।
विज्ञापन
सबसे कम हार का अंतर अल्मोड़ा सीट पर है जहां पार्टी करीब 98 हजार मतों से हारी है। वहीं हार के बाद कांग्रेस के अंदर भितरघात की शिकायतें भी सामने आई थीं।
विज्ञापन
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने बताया कि एंटनी कमेटी की बैठक में पांचों संसदीय उम्मीदवारों हरक सिंह रावत, केसी बाबा, प्रदीप टम्टा, रेणुका रावत और साकेत बहुगुणा को भी बुलाया गया है।
सोनिया गांधी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष के साथ पूर्व अध्यक्ष यशपाल आर्य और वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश भी बैठक में शामिल होंगी। उनका कहना है कि कुछ अन्य नेताओं को भी कमेटी की ओर से बुलाया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि एंटनी कमेटी सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को बारी-बारी बुलाकर समीक्षा कर रही है। प्रदेश के नेताओं के बयानों के आधार पर तैयार होने वाली रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी जाएगी।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो गई थीं। उन्होंने बताया कि बैठक में क्या मुद्दे रखे जाएं इस पर चर्चा करने के लिए वह मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलेंगी।
उल्लेखनीय है कि एंटनी कमेटी सभी राज्यों के प्रतिनिधियों को बारी-बारी बुलाकर समीक्षा कर रही है। प्रदेश के नेताओं के बयानों के आधार पर तैयार होने वाली रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी जाएगी।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए वित्त मंत्री इंदिरा हृदयेश शुक्रवार को दिल्ली रवाना हो गई थीं। उन्होंने बताया कि बैठक में क्या मुद्दे रखे जाएं इस पर चर्चा करने के लिए वह मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलेंगी।