Uttarakhand: सहकारिता चुनाव के लिए कांग्रेस ने बनाई रणनीति, कांग्रेस अध्यक्ष ने की पदाधिकारियों के साथ बैठक
21 नवंबर को बहुउद्देशीय प्रारंभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के चुनाव होंगे। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने की सहकारिता प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
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आगामी सहकारिता चुनाव के लिए प्रदेश कांग्रेस ने कमर कस ली है। 21 नवंबर को होने वाले बहुउद्देशीय प्रांरभिक कृषि ऋण सहकारी समितियों के प्रबंध कमेटियों के चुनाव कराए जाएंगे। जबकि 22 नवंबर को अध्यक्ष व उपाध्यक्ष चुनाव होंगे।
शुक्रवार को कांग्रेस भवन में प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की अध्यक्षता में सहकारिता प्रकोष्ठ की बैठक में सहकारिता चुनाव की रणनीति पर चर्चा की गई। पार्टी पदाधिकारियों ने सुझाव दिया कि राज्य और जिला स्तर पर चुनाव के लिए समिति बनाई जाए।
भाजपा की नाकामियों को आम लोगों तक पहुंचाएंगे
माहरा ने कहा कि सहकारिता मजबूत है तो कांग्रेस मजबूत है। जब देश आजाद होने के बाद हमारे नीति निर्धारकों ने तय किया कि सामंतवाद और पूंजीवाद को समाप्त करने, गरीब और किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने लिए सहकारिता का गठन किया गया था। लेकिन आज भाजपा सरकार सहकारिता में भी अपनी मनमानी कर रही है। इनका मुकाबला करने के लिए सहकारिता से जुड़े हुए कांग्रेस नेताओं को आगे आने की जरूरत है।
माहरा ने कहा कि भाजपा अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों को भाजपा की नाकामियों को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए काम करना होगा। बैठक में दिए सुझाव के अनुरूप प्रदेश में सहकारिता चुनाव के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा।
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बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री और निदेशक इफको मानवेंद्र सिंह ने किया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी, देहरादून जिला सहकारी बैक के पूर्व अध्यक्ष केएस राणा, प्रदेश महामंत्री विरेंद्र पोखरियाल, संजय किरोला, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, सुभाष बेहड़, विरेंद्र सिंह रावत समेत पदाधिकारी मौजूद थे।