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जिले में नदी-झील-तालाबों में जाने पर पूरी तरह रोक
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सहस्त्रधारा में नहाते पर्यटक। अमर उजाला
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राजधानी दून में सभी नदी-झील-तालाबों में जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मानसून सीजन में लगातार हो रही बारिश और आपदा के खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने इसके निर्देश दिए हैं। अभी तक केवल वीकेंड पर पर्यटन स्थलों में ही यह रोक प्रभावी थी। उन्होंने उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने के लिए भी निर्देशित किया है।
पिछले कुछ दिनों से राजधानी में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लगभग सभी नदियों, झीलों और तालाबों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस दौरान कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं। बुधवार को भी सहस्त्रधारा में एक पर्यटक की मौत हो गई। इस पर जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने सभी नदी, झील और तालाबों में जाने पर रोक लगाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। सभी आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक राज्य में आ रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए सख्ती बेहद जरूरी हो गई है।
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अब कंट्रोल रूम कर्मचारी के नंबर पर भी कर सकेंगे फोन
जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने बुधवार को आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर उपलब्ध न होने और एक कर्मचारी के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कर्मचारियों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि हर 15 दिन में कर्मचारियों की ड्यूटी का रोस्टर बदला जाएगा। 15 दिन के लिए ड्यूटी लगेगी, फिर रोस्टर बदलेगा। उन्होंने हर दो घंटे में दी जाने वाले जिले की अपडेट दोपहर 12 बजे बाद हर घंटे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन और आपदा परिचालन अधिकारी कार्यालय के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए उन्होंने मुख्यालय के एसडीएम प्रेमलाल को जिम्मेदारी सौंपी।
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पिछले कुछ दिनों से राजधानी में लगातार बारिश हो रही है, जिससे लगभग सभी नदियों, झीलों और तालाबों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। इस दौरान कई दुर्घटनाएं भी हुई हैं। बुधवार को भी सहस्त्रधारा में एक पर्यटक की मौत हो गई। इस पर जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने सभी नदी, झील और तालाबों में जाने पर रोक लगाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में लापरवाही भारी पड़ सकती है। सभी आदेशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन दिनों बड़ी संख्या में पर्यटक राज्य में आ रहे हैं। ऐसे में पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए सख्ती बेहद जरूरी हो गई है।
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अब कंट्रोल रूम कर्मचारी के नंबर पर भी कर सकेंगे फोन
जिलाधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने बुधवार को आपदा परिचालन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कर्मचारियों का ड्यूटी रोस्टर उपलब्ध न होने और एक कर्मचारी के अनुपस्थित रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कर्मचारियों की रोस्टरवार ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि हर 15 दिन में कर्मचारियों की ड्यूटी का रोस्टर बदला जाएगा। 15 दिन के लिए ड्यूटी लगेगी, फिर रोस्टर बदलेगा। उन्होंने हर दो घंटे में दी जाने वाले जिले की अपडेट दोपहर 12 बजे बाद हर घंटे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन और आपदा परिचालन अधिकारी कार्यालय के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए उन्होंने मुख्यालय के एसडीएम प्रेमलाल को जिम्मेदारी सौंपी।
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