{"_id":"627aab2b477a133652660263","slug":"committee-constituted-to-investigate-the-works-of-jal-sansthan-city-news-drn41137910","type":"story","status":"publish","title_hn":"जल संस्थान के कार्यों की जांच को समिति गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जल संस्थान के कार्यों की जांच को समिति गठित
विज्ञापन
जिलाधिकारी एवं स्मार्ट सिटी देहरादून के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने जल संस्थान द्वारा कराए गए स्मार्ट सिटी के सभी कार्यों की उच्च स्तरीय जांच के लिए एडीएम (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्र की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
समिति में मुख्य महाप्रबंधक तकनीकी पद्म कुमार, वाटर सप्लाई एक्सपर्ट पीएमसी देहरादून स्मार्ट सिटी रतनदीप वाघमारे, कोषाधिकारी अमित सैनी सदस्य होंगे। समिति विभाग द्वारा कराए गए सभी कार्यों की गुणवत्ता, कार्यों की प्रगति विवरण, वित्तीय अनियमितता सहित धनराशि किस प्रक्रिया के तहत तथा किस स्तर पर स्वीकृत करने के बाद अवमुक्त की गई है, इनकी जांच भी करेगी। धनराशि के सापेक्ष कार्यों की वास्तविक प्रगति एवं गुणवत्ता की जांच करते हुए 15 दिन के भीतर अपनी विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करेंगे।
उन्होंने सहायक महाप्रबंधक (वाटर वर्कर्स) स्मार्ट सिटी को परियोजना के संबंध में जरूरी सूचना एवं अभिलेख मुहैया कराने के निर्देश दिए। जिले में संचालित स्मार्ट सिटी के कार्यों की आए दिन प्राप्त हो रही शिकायतों पर डीएम द्वारा कई बार संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं फर्म अफसरों को कार्यों की गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं फर्म द्वारा कार्य प्रणाली में सुधार नहीं लाया जा रहा, जिसके फलस्वरूप स्मार्ट सिटी के कार्यों से आमजन भी प्रभावित हो रहे है। डीएम द्वारा कई बार चेतावनी देने के बाद भी कार्यदायी संस्थाओं एवं अनुबंधित फर्मों द्वारा कार्य संतोषजनक एवं समयबद्धता पूर्वक न करने पर नाराजगी जताई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
समिति में मुख्य महाप्रबंधक तकनीकी पद्म कुमार, वाटर सप्लाई एक्सपर्ट पीएमसी देहरादून स्मार्ट सिटी रतनदीप वाघमारे, कोषाधिकारी अमित सैनी सदस्य होंगे। समिति विभाग द्वारा कराए गए सभी कार्यों की गुणवत्ता, कार्यों की प्रगति विवरण, वित्तीय अनियमितता सहित धनराशि किस प्रक्रिया के तहत तथा किस स्तर पर स्वीकृत करने के बाद अवमुक्त की गई है, इनकी जांच भी करेगी। धनराशि के सापेक्ष कार्यों की वास्तविक प्रगति एवं गुणवत्ता की जांच करते हुए 15 दिन के भीतर अपनी विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने सहायक महाप्रबंधक (वाटर वर्कर्स) स्मार्ट सिटी को परियोजना के संबंध में जरूरी सूचना एवं अभिलेख मुहैया कराने के निर्देश दिए। जिले में संचालित स्मार्ट सिटी के कार्यों की आए दिन प्राप्त हो रही शिकायतों पर डीएम द्वारा कई बार संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं फर्म अफसरों को कार्यों की गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं फर्म द्वारा कार्य प्रणाली में सुधार नहीं लाया जा रहा, जिसके फलस्वरूप स्मार्ट सिटी के कार्यों से आमजन भी प्रभावित हो रहे है। डीएम द्वारा कई बार चेतावनी देने के बाद भी कार्यदायी संस्थाओं एवं अनुबंधित फर्मों द्वारा कार्य संतोषजनक एवं समयबद्धता पूर्वक न करने पर नाराजगी जताई थी।
विज्ञापन