Uttarakhand: निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर आयोग लेगा जनता की राय, हरिद्वार से होगी शुरुआत
आयोग ने ओबीसी सर्वेक्षण के बाद आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसके बाद आरक्षण तय हुआ था। अब नवंबर में नगर निकायों में चुनाव होने जा रहे हैं, जिससे पहले निकायों का ओबीसी सर्वेक्षण का काम चल रहा है। शहरी विकास निदेशालय ने सभी निकायों में सर्वेक्षण के लिए पहले छह मार्च तक का समय तय किया था।
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प्रदेश के निकायों में नवंबर में होने जा रहे चुनावों से पहले ओबीसी आरक्षण को लेकर चल रही कवायद के बीच अब एकल सदस्यीय समर्पित आयोग जनता की राय लेगा। इसकी शुरुआत आयोग हरिद्वार से करने जा रहा है। दूसरी ओर, शहरी विकास निदेशालय के स्तर से ओबीसी सर्वे का 90 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है।
प्रदेश में हरिद्वार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने ओबीसी सर्वेक्षण के बाद आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसके बाद आरक्षण तय हुआ था। अब नवंबर में नगर निकायों में चुनाव होने जा रहे हैं, जिससे पहले निकायों का ओबीसी सर्वेक्षण का काम चल रहा है। शहरी विकास निदेशालय ने सभी निकायों में सर्वेक्षण के लिए पहले छह मार्च तक का समय तय किया था।
10 प्रतिशत निकाय में परिसीमन या सीमा विस्तार के चलते प्रक्रिया लंबित
शहरी विकास निदेशक नवनीत पांडे ने बताया कि निकायों में 90 प्रतिशत सर्वे पूरा हो चुका है। उन्होंने बताया कि करीब 10 प्रतिशत निकाय ऐसे हैं, जिनमें परिसीमन या सीमा विस्तार के चलते प्रक्रिया लंबित है। बताया कि यहां भी तेजी से काम किया जा रहा है। जिसके बाद निदेशालय सर्वेक्षण की अपनी रिपोर्ट एकल सदस्यीय समर्पित आयोग को सौंप देगा।
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आयोग के सचिव ओंकार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद आपत्तियों की सुनवाई की जाएगी। इसके लिए दो माह का समय चाहिए। उन्होंने बताया कि हरिद्वार जिले के निकाय क्षेत्रों में आपत्तियों और सुझावों से इसकी शुरुआत जल्द ही की जा रही है।