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बाल आयोग पहुंचा दिव्यांग का आधार कार्ड नही बनाए जाने का मामला
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सेरेब्रल पाल्सी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे नाबालिग का आधार कार्ड नहीं बनाए जाने व उसका नाम राशन कार्ड से काटे जाने का मामला उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग तक पहुंच गया है। आयोग अध्यक्ष ने इसे गंभीरता से लेते हुए सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी से रिपोर्ट तलब किए जाने के साथ ही आदेश दिया है कि दिव्यांगों का आधार कार्ड प्राथमिकता से बनाया जाए ताकि बच्चों को केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाआें का लाभ मिल सके।
विद्या विहार काली मंदिर रोड निवासी एक नाबालिग सेरेब्रल पाल्सी बीमारी से पीड़ित है। उसका नाम राशन कार्ड में तो है लेकिन आधार कार्ड नहीं है। आधार कार्ड नहीं होने की वजह से राशन डीलर बच्चे का नाम रजिस्टर से काटने की धमकी देने लगा। इस पर परिजनों ने राशन डीलर से कहा कि आधार कार्ड सॉफ्टवेयर में खराबी होने की वजह से कार्ड नहीं बन पा रहा है, लेकिन राशन डीलर अपनी बात पर अड़ा रहा। आखिरकार मामला बाल अधिकार संरक्षण आयोग पहुंचा। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने सचिव सूचना प्रौद्योगिकी से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह आदेश भी जारी किया कि दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ड जारी किए जाएं ताकि उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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विद्या विहार काली मंदिर रोड निवासी एक नाबालिग सेरेब्रल पाल्सी बीमारी से पीड़ित है। उसका नाम राशन कार्ड में तो है लेकिन आधार कार्ड नहीं है। आधार कार्ड नहीं होने की वजह से राशन डीलर बच्चे का नाम रजिस्टर से काटने की धमकी देने लगा। इस पर परिजनों ने राशन डीलर से कहा कि आधार कार्ड सॉफ्टवेयर में खराबी होने की वजह से कार्ड नहीं बन पा रहा है, लेकिन राशन डीलर अपनी बात पर अड़ा रहा। आखिरकार मामला बाल अधिकार संरक्षण आयोग पहुंचा। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए आयोग अध्यक्ष ऊषा नेगी ने सचिव सूचना प्रौद्योगिकी से रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह आदेश भी जारी किया कि दिव्यांगों को प्राथमिकता के आधार पर कार्ड जारी किए जाएं ताकि उन्हें केंद्र व राज्य सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
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