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IMA में होने वाली कमांडर कांफ्रेंस में 'यूनिफाइड कमांड' पर होगा फोकस

Fri, 20 Jan 2017 03:54 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 20 Jan 2017 03:54 PM IST
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commander conference will focus on unified command
पासिंग आउट परेड - फोटो : file photo

अमेरिका और चीन के बाद अब भारत भी ‘यूनिफाइड कमांड’ बनाने की राह पर चल पड़ा है। इसके तहत देश की तीनों सेनाएं की सभी कमांड किसी युद्ध के दौरान एक ही कमांडर के निर्देशन में कार्य करेंगी।

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आर्मी के अफसर इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) देहरादून में 21 जनवरी को प्रजेंटेशन देंगे। संयुक्त कमांडर कांफ्रेंस में यूनिफाइड कमांड मुख्य मुद्दा होगा। अगर इस पर सहमति बनी तो भारत, यह सिस्टम अपनाने वाला दुनिया का तीसरा देश होगा।
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जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने युद्ध लड़ने के लिए अपनी सभी सेनाओं की संयुक्त कमांड बनाई हुई है। हाल ही में इसकी जरूरत समझते हुए चीन ने भी संयुक्त कमांड बना दी है। भारत भी इसके लिए तैयारी के मोड में है। देश में इस वक्त करीब 12 लाख आर्मी और करीब दो लाख एयरफोर्स व नेवी के जवान हैं।
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पाकिस्तान से हुए युद्धों में भारत की सेनाओं ने अलग-अलग कमांड के रूप में हिस्सा लिया था। इसमें आर्मी की चार, एयरफोर्स की दो और नेवी की एक कमांड शामिल थीं। भारत में भी लंबे समय से यूनिफाइड कमांड बनाने की बात होती रही है। इस बार आईएमए में होने जा रही कमांडर कांफ्रेंस में इस पर मुख्यतौर पर चर्चा होने जा रही है।

यह है यूनिफाइड कमांड

commander conference will focus on unified command
indian army

दरअसल, अभी तक किसी भी युद्ध में भारत की तीनों सेनाएं अपने-अपने स्तर से शामिल होती रहीं हैं। सबके कमांडर अलग होते हैं, जो अपनी सेना को दिशा-निर्देश जारी करते हैं। यूनिफाइड कमांड का आशय इन सभी सेनाओं को एक साथ मिलाना है।

यानी, देश में आर्मी की चार, एयरफोर्स की दो और नेवी की एक कमांड को मिलाकर उनका एक कमांडर बना दिया जाएगा। जब भी युद्ध होगा तो तीनों सेनाएं एकजुटता के साथ एक ही कमांडर के अधीन एक जैसी योजना के तहत युद्ध में शामिल होंगी। प्रथम विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने सबसे पहले इस जरूरत को समझते हुए यूनिफाइड कमांड का फार्मूला लागू किया था।

सूत्रों के मुताबिक अभी तक सेना के कई अधिकारी यूनिफाइड कमांड पर सहमत नहीं थे। काफी चर्चा के बाद इस पर सहमति बनी है और सेना इस अब मामले पर अपनी ओर से प्रेजेंटेशन देने जा रही है। पीएम मोदी की उपस्थिति में इस पर कोई ठोस फैसला लिया जा सकता है।

मोटी जानकारी के मुताबिक कमांडर कांफ्रेंस का यह प्रमुख एजेंडा है, हालांकि इसकी कोई अधिकृत पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि यह पहला मौका है, जबकि कमांडर कांफ्रेंस का आयोजन उत्तराखंड में किया जा रहा है। इसको लेकर आईएमए में व्यापक तैयारियां की जा रहीं है। बड़ी संख्या में देशभर से सेना के अधिकारी देहरादून पहुंच चुके हैं।

प्रधानमंत्री समेत अन्य प्रमुख लोगों के यहां आने के आधिकारिक कार्यक्रम स्थानीय प्रशासन को मिल चुके हैं। स्थानीय पुलिस-प्रशासन अपनी हिस्से की जिम्मेदारी पूरी करने में जुटा है। देहरादून पहुंच चुके एसपीजी के अधिकारी प्रधानमंत्री से संबंधित सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने में जुटे हुए हैं।

इन मुद्दों पर भी होगा मंथन

commander conference will focus on unified command
- फोटो : file photo

- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से लगती सीमा और जम्मू एंड कश्मीर में एलओसी की संवेदनशीलता।
- नॉर्थ ईस्ट से लेकर जम्मू एंड कश्मीर तक फैली चीन सीमा।
- चीन सीमा पर नई माउंटेन कोर स्थापित करने का लंबित मुद्दा।
- जम्मू एंड कश्मीर में अर्द्ध सेना जैसे बीएसएफ, सीआरपीएफ और सैन्य बलों की तैनाती।
- आर्म्ड फोर्स में कम से कम कैजुएलिटी।
- सामरिक महत्व के हथियारों की जरूरत और उन्हें लगाने के क्षेत्र।
- आर्मी कमांडर और कोर कमांडरों की क्षेत्रवार रिपोर्ट।
-आतंकवादी गतिविधियों पर सेना का रुख।
-सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुडे़ मामले।

सोशल मीडिया मामलों पर भी होगी चर्चा
हाल ही में सेना के जवानों की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो, अफसरों व जवानों के बीच बेहतर संवाद कायम करना भी कमांडर कांफ्रेंस में अहम मुद्दा होगा। सेना इसे अनुशासन से जोड़कर भी देख रही है। सूत्रों के मुताबिक इसमें कई फैसले लिए जा सकते हैं।

यह होंगे कमांडर कांफ्रेंस में शामिल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, एयर चीफ मार्शल बिरेंद्र सिंह धनाओ, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल सुनील लांबा, ईस्टर्न आर्मी कमांडर ले. जन. प्रवीन बख्शी, नार्दर्न आर्मी कमांडर ले. जन. देवराज अंबु, वेस्टर्न आर्मी कमांडर ले. जन. सुरेंद्र सिंह, सेंट्रल आर्मी कमांडर ले. जन. बलवंत सिंह नेगी, ट्रेनिंग कमांडर ले. जन. डीआर सोनी।

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