16 दिसंबर को सूर्य के पास से गुजरेगा बर्फ का विशालकाय गोला, इससे पहले होगी आसमान में आतिशबाजी
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16 दिसंबर को सूर्य के पास से बर्फ का विशालकाय गोला गुजरेगा। इससे पहले 14 दिसंबर की रात को आसमान में आतिशबाजी होगी।
एक धूमकेतु 46पी रिट्नेन धरती के करीब से गुजरने वाला है। 16 दिसंबर को यह धरती के 11.59 मिलियन किमी. की दूरी से होकर सूर्य की दिशा में आगे बढ़ जाएगा।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वैज्ञानिक डॉ. शशिभूषण पांडे ने बताया कि धूमकेतु 12 दिसंबर से कोरी आंखों से दिखाई देने लगेगा। जैसे-जैसे यह सूर्य के पास पहुंचेगा, सूर्य के प्रकाश में इसकी चमक बढ़ती रहेगी।
साढ़े चार साल में सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है धूमकेतु
यह धूमकेतु साढ़े चार साल में सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है। रात आठ बजे यूरेनस ग्रह व ओरायन नक्षत्र के बीच त्रिकोणीय स्थिति बनाते हुए रिट्नेन सप्तऋषि तारामंडल के पास नजर आएगा।
दूरबीन की मदद से इसे देखा जा सकेगा। इसके बाद वह सूर्य के पास पहुंचेगा। वह सूर्य की परिक्रमा पूरी कर आगे बढ़ जाएगा।
धूमकेतु के धरती के करीब पहुंचने से पहले उल्कावृष्टि 'जमीनीड् मेटियोर शॉवर' होगी। 14 दिसंबर की रात उल्कापात देखा जा सकेगा।
धूमकेतु में होती है काफी बर्फ
बता दें कि धूमकेतुओं को पुच्छल तारा भी कहते हैं और इनमें काफी बर्फ होती है। जब यह सूर्य के पास पहुंचते हैं तो रोशनी में लाखों किमी लंबी इनकी चमकदार पूंछ नजर आती है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि धूमकेतु सौरमंडल की उत्पत्ति में प्रकाश डालने में सहायक हो सकते हैं। जिस कारण वैज्ञानिक इनके अध्ययन में जुटे हुए हैं।