आईआईएम में सीएम त्रिवेंद्र ने छात्रों को दी नसीहत, भगवान हनुमान से सीखें कैसे करें बेहतर प्रबंधन
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि जीवन में सफलता के लिए प्रबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका है। कहा कि बेहतर प्रबंधन के लिए 10 गुणों का समावेश जरूरी है। रामभक्त हनुमान के व्यक्तित्व में प्रबंधन के सभी गुण विद्यमान थे। इसलिए उन्हें सबसे बड़ा मैनेजमेंट गुरु कहा जाता है। प्रबंधन क्षेत्र में उद्यमिता से कौशल विकास कर ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री रावत रविवार को आईआईएम के उत्तिष्ठा-2019 कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आईआईएम के स्टार्टअप कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए लोगों ने स्वरोजगार का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कहा कि अच्छे प्रबंधन के लिए संवाद कौशल, विनम्रता, आदत से समझौता, समाधान, भावनाओं का संतुलन, आत्ममुग्धता, नेतृत्व क्षमता, बौद्धिक कुशलता, वफादारी और समर्पण जरूरी है।
रामभक्त हनुमान को प्रबंधन लक्षणों के कारण ही मैनेजमेंट गुरु कहा जाता है। मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि यहां के युवा मैनेजर आईआईएम अहमदाबाद से सीख लेते हुए उदाहरण प्रस्तुत करेंगे और अपनी ऊर्जा व बौद्धिक कौशल का उपयोग देश के हित में करेंगे।
इससे पूर्व आईआईएम के निदेशक कुलभूषण बलूनी ने विकास कार्यों में सरकार और आईआईएम काशीपुर की साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया। कहा कि आईआईएम काशीपुर न सिर्फ फीड अपितु डिजाइन इनोवेशन सेंटर-नवाशय बल्कि विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों की समस्याओं को हल करने की दिशा में कार्यरत है। फीड प्रोग्राम निदेशक प्रोफेसर सफल बत्रा ने सभी स्टार्टअ के लिए आईआईएम काशीपुर की भूमिका के बारे में बताया।
कहा कि एंटरप्रेन्योरशिप सेल और फीड ने मिल के सिर्फ एक साल के भीतर साढ़े तीन सौ से भी अधिक आवेदनों में से 37 स्टार्टअ को चुनकर उन्हें विकसित किया है। इस मौके पर सांसद अजय भट्ट ने भी विचार रखे। आईआईएम के डीन प्रो. बहरुल इस्लाम ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम में विधायक हरभजन सिंह चीमा, विधायक राजेश शुक्ला, महापौर ऊषा चौधरी, मंडलायुक्त राजीव रौतेला और डीआईजी जगतराम जोशी आदि मौजूद रहे।
उत्तिष्ठा-2019 में दिए गए 37 स्टार्टअप को प्रशिक्षण पत्र
आईआईएम के उत्तिष्ठा-2019 कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रावत ने स्टार्टअप की शुरूआत करने वाले 37 उद्यमियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। केंद्र सरकार की कृषि विकास योजना एवं राज्य की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मदद से आईआईएम के एंटरप्रेन्योरशिप सेल और फीड ने स्टार्टअ प्रोग्राम शुरू किया।
इसके लिए 350 लोगों ने स्टार्टअप शुरू करने के लिए आवेदन किया है। इनमें से 37 अभ्यर्थियों को चिह्नित किया गया। इन्हें उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं का दो माह का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को मुख्यमंत्री रावत ने प्रमाण पत्र वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने इन्हें प्रशिक्षण प्रमाण पत्र दिए
- साहस प्रोग्राम : एलोन फिशरीज, बायोमाउंट न्यूटरेंट, फार्म बुक्स, ग्रीन पॉड लेब्स, कुनिंदा एग्रो, पीडब्ल्यूसी एग्रोटेक, पैनलीज इन्वायरमेंट, प्रत्यक्ष एग्रोटेक, स्वयंभू इन्वोटिव सोल्यूशन, सब्सटेनेबिल डायमेंशन, विश्ववरद इंजीनियरिंग, विश्वा आटोटेक और बेकबरी फूड्स।
-सक्षम प्रोग्राम : एग्रोनेक्स्ट सर्विस, ब्यूटीलिशिया प्रोडेक्ट, बाउन सोइल एग्रो, कार्पो टेक्नोलॉजी, इनविराज कसंलटिंग, फार्मोटोन एग्रो, ग्रीन डे फार्मर्स, हेम्प अफेयर, हिमशक्ति एलएलपी, इंडस्ट्रियल फर्मेटेक, कृषि आचार्य टेक्नॉलॉजी, लूपवार्म, मोर्केट यार्ड एग्री सोल्युशन, एमपीजीसी कॉयर एलएलपी, नियोली इंटरनेशनल, नेटरिंग स्पाईरूलिना, विन्सपायर एग्रोटेक, जेलेंस इंडस्ट्रीज।
आईआईएम में छात्रावास बनाने की घोषणा की
काशीपुर। आईआईएम में कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक कुलभूषण बलूनी ने मुख्यमंत्री से एक छात्रावास बनाने पर चर्चा की। इस पर मुख्यमंत्री ने आईआईएम में शीघ्र छात्रावास बनाने की घोषणा की। इससे छात्रावास में रहने वाले अब विद्यार्थियों की यह संख्या 500 से बढ़कर 1120 होने का अनुमान है।